छत्तीसगढ़

श्रीमद्भागवत कथा बड़े से बड़े पापियों को भी पापमुक्त कर देती है- कथावाचक आचार्य श्री रामप्रताप शास्त्री

श्रीमद्भागवत कथा बड़े से बड़े पापियों को भी पापमुक्त कर देती है।

जो व्यक्ति भागवत कथा आत्मसात कर लेता है, वह सांसारिक दुखों से मुक्त हो जाता है




धमतरी (प्रखर) रुद्री साहू सदन में नरेंद्र साहू एवम् समस्त साहू परिवार  छत्तीसगढ़ वस्त्रालय के द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिन कथावाचक आचार्य श्री रामप्रताप शास्त्री  जी महाराज ने श्रोताओं को कथा का रसपान कराते हुए प्रकट किया।
श्री शास्त्री जी ने कहा कि जीवन में यदि मान, बड़ा पद या प्रतिष्ठा मिला जाए तो उसे ईश्वर की कृपा मानकर भलाई के कार्य करना चाहिए, लेकिन यदि उसका जीवन में किंचित मात्र भी अभिमान हुआ तो वह पाप का भागीदार बना देता है। कहा कि अहंकार से भरे राजा परीक्षित ने जंगल में साधना कर रहे शमीक ऋषि के गले में मरा हुआ सर्प डाल दिया। परिणामस्वरूप राजा परीक्षित को एक सप्ताह में मृत्यु का शाप मिला। जब परीक्षित ने अपने सिर से स्वर्ण मुकुट को उतारा तो उन पर से कलियुग  का प्रभाव समाप्त हो गया और उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
श्री शास्त्री जी ने कहा कि जब जब भगवान के भक्तों पर विपदा आती है तब भगवान उनके कल्याण के लिए सामने आते हैं। परीक्षित को भवसागर से पार लगाने के लिए अब भगवान शुकदेव के रूप में प्रकट हो गए और श्रीमद्भागवत कथा सुनाकर परीक्षित को अपने चरणों में स्थान प्रदान किया। उन्होंने महाभारत के कई प्रसंग भी सुनाए। कर्ण और भगवान श्रीकृष्ण के बीच संवाद को बताते हुए उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान जब कर्ण की भगवान कृष्ण से चर्चा हुई तो कर्ण ने कहा कि मृत्यु के बाद ऐसी जगह मेरा दाह संस्कार हो जहां आज तक किसी का नहीं हुआ। भगवान ने उसकी मृत्यु के बाद कर्ण का अंतिम संस्कार अपने हाथों से किया। कृष्ण और विदुर का प्रसंग भी सुनाया गया।
श्री शास्त्री जी ने कहा कि नारायण की भक्ति में ही परम आनंद मिलता है। उसकी वाणी सागर का मोती बन जाता है। भगवान प्रेम के भूखे हैं। वासनाओं का त्याग करके ही प्रभु से मिलन संभव है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि वासना को वस्त्र की भांति त्याग देना चाहिए। भागवत कथा का जो श्रवण करता है भगवान का आशीर्वाद बना रहता है।इस कथा में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
कथा समय 24 से 1 तारिक तक प्रतिदिन 2 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी ।।
कथा श्रवण करने पहुंचे सुनील साहू, के के साहू, सीयाराम साहू, रेमन साहू, आर के साहू, रवि साहू, मुकेश पांडे, रामकुमार साहू, गजानंद साहू ,माधवेन्द्र हिरवानी,
पूर्व विधायक रंजना साहू, गुरु मां कुंबेकर, अर्चना साहू माया ,साहू, गूंजा साहू ,चांदनी, ,रूखमग्त साहू , सहित क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में पहुंचे थे।

Author Desk

Related Articles

Back to top button