छत्तीसगढ़

प्रशिक्षित डीएड बीएड संघ  द्वारा  विधायक ओंकार साहू को 33 हजार शिक्षक भर्ती का प्रश्न विधानसभा सत्र में उठाने के लिए सौंपा – ज्ञापन

 धमतरी (प्रखर) छत्तीसगढ़ प्रशिक्षित डीएड बीएड  संघ द्वारा धमतरी विधायक ओंकार साहू को 33 हजार शिक्षक भर्ती का प्रश्न विधानसभा सत्र में उठाने के लिये ज्ञापन सौपा गया छात्रों नें बताया कि भाजपा के घोषणा पत्र में प्रदेश भर में 57000 शिक्षकों की भर्ती किए जाने का उल्लेख था. जिस पर भरोसा करते हुए सभी प्रशिक्षित बेरोजगारों ने बड़ी संख्या में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान किया था, लेकिन सरकार बनते ही सरकार ने उनकी मांगों को दरकिनार कर दिया है. इसकी वजह से छत्तीसगढ़ प्रशिक्षित बीएड और डीएड संघ  प्रदर्शन के माध्यम से सरकार तक अपनी मांगों को पहुंचाने का प्रयास कर रहा है.उन्होंने कहा भाजपा सरकार ने विधानसभा में 33 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की थी, बृजमोहन अग्रवाल उस समय शिक्षा मंत्री थे. उन्होंने ट्वीट किया था कि शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई है. 33,000 हजार शिक्षकों की भर्ती की जाएगी, लेकिन पिछले एक सालों से भर्ती ही नहीं निकाली गई है.छात्रों नें कहा कहीं न कहीं हम जॉब कर रहे थे भर्ती की तैयारी के चक्कर में हमने जॉब छोड़ दी. अब सड़क पर आ गए हैं.युवाओं ने बताया कि BJP के संकल्प पत्र मोदी की गारंटी में भी शिक्षकों की भर्ती करने का वादा किया गया है, लेकिन भर्ती नहीं की जा रही है. धीरे-धीरे करके हमारा निर्धारित उम्र सीमा पार हो रहा है. हम कभी नौकरी नहीं कर पाएंगे. इतनी पढ़ाई और मेहनत का मतलब क्या रह जाएगा ?बता दें कि उम्र बढ़ने से 70,000 से ज्यादा युवा नौकरी के लिए आजीवन अपात्र हो गए हैं, . बाक़ी धीरे धीरे करके हर दिन युवा अपात्र हो रहे हैं. युवा निर्धारित उम्र सीमा पार कर रहे हैं. अगर अब भी भर्ती नहीं निकाली जाएगी तो इस साल लगभग 50,000 से ज्यादा युवा अपात्र हो जाएंगे | विधायक ओंकार साहू नें छात्रों को कहा हम आपके मांग को विधानसभा सत्र में जरूर उठाएंगे | उन्होंने कहा विधानसभा सत्र 2024 में घोषित 33000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ होना चाहिए  साथ में सही समय पर भर्ती न होने से हजारों अभ्यर्थी ओवर एज होने वाले हैं, उन्हें आयु सीमा में अतिरिक्त छूट दी जाए | उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा भाजपा द्वारा 1 साल में एक लाख खाली पदो को भरना भाजपा कि गारेंटी नहीं जुमला हैं |

Author Desk

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