छत्तीसगढ़

विद्यार्थियों ने रचनात्मकता से साकार की ‘मेरे सपनों का भारत–विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना : मोनिका ऋषभ देवांगन

सेवा संकल्प अभियान के तहत शंकरदाह स्कूल में हुआ ‘सेवा-चित्र’ कार्यक्रम

विद्यार्थियों ने रचनात्मकता से साकार की ‘मेरे सपनों का भारत–विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना : मोनिका ऋषभ देवांगन

 

सेवा संकल्प अभियान के तहत शंकरदाह स्कूल में हुआ ‘सेवा-चित्र’ कार्यक्रम

 

धमतरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेरे सपनों का भारत–विकसित भारत 2047’ विजन पर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शंकरदाह में ‘सेवा-चित्र’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता जिला पंचायत धमतरी की सभापति मोनिका ऋषभ देवांगन ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनकी रचनात्मक प्रतिभा का उत्साहवर्धन किया।

 

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने रंगोली, चित्रकला, पेंटिंग एवं भाषण के माध्यम से अपने सपनों के भारत की कल्पना को जीवंत किया। स्वच्छ एवं हरित भारत, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, सौर ऊर्जा, डिजिटल इंडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नशामुक्त भारत, मेक इन इंडिया, भारतीय सैनिकों का शौर्य, आतंकवाद एवं नक्सलवाद मुक्त भारत, सेवा भावना तथा राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर विद्यार्थियों ने अपनी सोच और प्रतिभा को रचनात्मक अभिव्यक्ति दी।

 

‘विकसित भारत 2047’ में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका

 

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मोनिका ऋषभ देवांगन ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवा पीढ़ी के संकल्प और सहभागिता से साकार होने वाला राष्ट्रीय स्वप्न है। आज के विद्यार्थी ही भविष्य में देश के नेतृत्वकर्ता बनेंगे। इसलिए शिक्षा के साथ संस्कार, कौशल, नवाचार, सेवा भावना और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना आवश्यक है।

 

उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल पुस्तकीय ज्ञान प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा, रचनात्मकता, संवेदनशीलता और राष्ट्रभावना को पहचानने तथा उसे निखारने का सशक्त मंच है। ‘सेवा-चित्र’ जैसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाओं को अभिव्यक्त करने के साथ सामाजिक सरोकारों और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का अवसर प्रदान करते हैं।

 

प्रस्तुतियों की सराहना

 

मोनिका देवांगन ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि किसी चित्र में जल संरक्षण की चिंता दिखाई दी, किसी रंगोली में स्वच्छता का संदेश नजर आया, तो किसी भाषण में देश के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना देखने को मिली। उन्होंने कहा कि बच्चों के भीतर प्रतिभा और विचारों की कमी नहीं है, आवश्यकता उन्हें उचित अवसर, प्रोत्साहन और मंच देने की है।

 

उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज के छोटे-छोटे रचनात्मक प्रयास ही आने वाले समय में जिम्मेदार नागरिकों और सशक्त राष्ट्र की नींव तैयार करेंगे। शिक्षा के साथ सेवा का संस्कार, ज्ञान के साथ कौशल और प्रतिभा के साथ राष्ट्रभाव जुड़ने पर विद्यालय राष्ट्र के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

 

विभिन्न क्षेत्रों में जनभागीदारी पर जोर

 

उन्होंने कहा कि स्वच्छता, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और जनभागीदारी जैसे विषयों को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। इन प्रयासों को स्थायी सफलता तभी मिलेगी, जब युवा पीढ़ी इन अभियानों को केवल कार्यक्रम तक सीमित न रखकर अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाए।

 

‘सेवा-चित्र’ कार्यक्रम इसी दिशा में एक पहल है, जो बच्चों की कल्पनाशीलता को सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए उन्हें विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका समझने का अवसर प्रदान करता है।

 

ये रहे उपस्थित

 

कार्यक्रम में पूर्व गंगरेल मंडल अध्यक्ष ऋषभ देवांगन, वरिष्ठ भाजपा नेत्री पद्मिनी साहू, शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष अमृत ध्रुव, पूर्व अध्यक्ष हेमंत साहू, शाला की प्राचार्य शोभा दुबे, उपाध्यक्ष मनीषा ध्रुव, संतराम ध्रुव, वरिष्ठ भाजपा नेता रामकृष्ण मांडवी सहित उच्चतर माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला के संस्था प्रभारी तथा शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

 

कार्यक्रम के अंत में मोनिका ऋषभ देवांगन ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं आयोजन से जुड़े सहयोगियों को आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

 

उन्होंने विद्यार्थियों से अपने सपनों को लक्ष्य बनाने, प्रतिभा को अवसर देने और अपनी क्षमताओं को राष्ट्र निर्माण में लगाने का आह्वान किया।

Author Desk

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