बलौदाबाजार सिटी कोतवाली प्रभारी को हटाने की मांग, बलौदाबाजार प्रेस क्लब ने मंत्री को सौंपा ज्ञापन

बलौदाबाजार सिटी कोतवाली प्रभारी को हटाने की मांग, बलौदाबाजार प्रेस क्लब ने मंत्री को सौंपा ज्ञापन
बलौदाबाजार ( प्रखर )। बलौदाबाजार सिटी कोतवाली प्रभारी को हटाने की मांग को लेकर प्रेस क्लब बलौदाबाजार ने मंत्री टंक राम वर्मा को ज्ञापन सौंपा है। प्रेस क्लब अध्यक्ष की ओर से बताया गया कि प्रदेश में सहीं कानून व्यवस्था एवं प्रशासनिक कसावट लाने के लिए सरकार हर वर्ष और जरूरत के अनुसार समय समय पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों का तबादला आदेश जारी करती है । जिससे एक ही स्थान पर लंबे समय से पदस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों का तबादला कर विभागों में कसावट लाने सरकार तबादला आदेश जारी करती है। और परिवर्तन होना भी चाहिए। कभी कभी जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए भी सरकार को अचानक तबादला आदेश जारी करना पड़ता है। क्यों कि कोई अप्रिय घटना घटित ना हो जिससे शांति व्यवस्था खराब हो जाए इसे भी देखकर सरकार निर्णय लेती है। कभी कभी अधिकारी -कर्मचारी और जनता के बीच में कोई बात को लेकर विवाद हो जाता है।
बलौदाबाजार प्रेस क्लब अध्यक्ष नरेश गनशानी ने कहा कि पुलिस द्वारा बार-बार मीडिया के सामने यह दावा किया जाता है कि उनके संबंध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शीर्ष पदाधिकारियों से पारिवारिक स्तर पर हैं तथा वह उनके साथ खिंचवाई गई तस्वीरें दिखाकर आमजनों एवं पत्रकारों पर मानसिक दबाव बनाते हैं। ऐसी स्थिति में थाना परिसर का वातावरण भयभीत करने वाला बन गया है, बल्कि जनता एवं पत्रकार अपनी समस्याएं खुलकर रखने में असहज महसूस करते हैं। बलौदाबाजार प्रेस क्लब ने अपने ज्ञापन में मांग रखी है कि संपूर्ण प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को सुरक्षित कर तत्काल जांच की जाए। थाना प्रभारी अजय झा को वर्तमान पद से हटाते हुए उनके विरुद्ध आवश्यक कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाए, भविष्य में आम नागरिकों एवं पत्रकारों के साथ इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने ठोस कदम उठाए जाएं, प्रेस क्लब के पदाधिकारियों एवं पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए ताकि वे स्वतंत्र रूप से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।

उन्होंने बताया कि बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के थाना सिटी कोतवाली से मामला सामने आया है यहां पदस्थ थाना प्रभारी का जनता तथा पत्रकारों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। थाना प्रभारी द्वारा मीडिया को कुछ ऐसा कहा गया है जो अनुचित है और इसका सीधा संबंध है ऊपर तक पहुंच की बात और बातचीत करने का ग़लत तरिका है। जब सरकार को पता है, पुलिस विभाग के मुख्या डीजीपी को इसका इल्म है कि किसी भी अधिकारी -कर्मचारी का लंबें समय तक एक ही स्थान पर पदस्थ रहना जनता सरकार और संबंधित विभाग के लिए ठीक नहीं है ऐसे में पुलिस विभाग क्यों तबादला आदेश जारी करने में हिला हवाला कर रही है। उन्होंने पूछा कि लम्बे समय से कुर्सी पर जमे थाना प्रभारी अजय झा का विभागीय तबादला आदेश क्यों जारी नहीं किया गया है।
उन्होंने बताया कि बलौदाबाजार में पिछले साल संयुक्त जिला कार्यालय भवन में आगजनी की घटना हो चुकी है इस घटना ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी थी। राज्य सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जिले के तत्कालीन कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को निलंबित कर दिया। आगजनी के घटना के बाद व्यवस्था संभालने आये एसपी विजय अग्रवाल ने अपने कार्यकाल में कई थाना प्रभारियों का तबादला भी किया क्योंकि कि स्थिति पर नियंत्रण किया जा सके। नई जिम्मेदारियाँ दीं गई की ताकि शांति व्यवस्था बना रहें लेकिन यहां ठीक विपरीत हो रहा है शांति व्यवस्था बनाए रखने वाले और जनता के बीच ही विवाद की स्थिति पनप रही है। अब देखना है सरकार इस पर क्या कदम उठाती है। क्यों कि इसकी जानकारी जिम्मेदार लोगों तक तो पहुंच ही गई है। सरकार और पुलिस विभाग के निर्णय भविष्य को तय करेगा ।
बलौदाबाजार प्रेस क्लब अध्यक्ष नरेश गनशानी सहित अन्य पत्रकारों ने थाना प्रभारी को हटाने और जाँच की मांग की है।
बलौदा बाजार से ब्यूरो चीफ राजेश्वर गिरी।



