छत्तीसगढ़

घोटालेबाज आबकारी अधिकारियों पर जांच एजेंसी की रहमदिली से सब हैरान

घोटाले में अप्रत्यक्ष भूमिका निभाने वाले जेल में,करोड़ों की कमाई करने वाले आबकारी अधिकारी बाहर

रायपुर (प्रखर)। शराब घोटाले मामले में ईओडब्ल्यू एसीबी की कार्रवाई पर अब सवाल उठने शुरू हो गए हैं। आरोपी आबकारी अधिकारियों के खिलाफ जांच एजेंसी ने जिस प्रकार से नोटिस पर विशेष न्यायालय में चालान पेश किया है। उससे वह खुद सवालों के घेरे में आ गई है। क्योंकि जिन 29 आबकारी अधिकारियों के करतूत के बारे में ईओडब्ल्यू एसीबी ने सिलसिलेवार तरीके से चालान में बताया है कि किस अधिकारी ने कितना कमीशन लिया,कितना रकम डकारी और उस रकम से अचल संपत्ति खड़ी की। इसका खुलासा होने के बाद अब सवाल उठने लाजिमी भी है, कि क्यों जांच एजेंसी ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की। जबकि पांच दस हजार रुपए की रिश्वत लेने वाले लोक सेवकों को गिरफ्तार कर सीधा जेल भेज दिया जाता है। यहां तो अरबों रुपए की रकम को हड़प कर सीधे सीधे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया गया है। उसके बावजूद आरोपी अधिकारियों पर रहमदिली दिखाना समझ से परे है।

दूसरी ओर जांच एजेंसी ने अब सहयोगियों तक डिस्टलरी में तैनात सरकारी अधिकारियों पर भी शिकंजा नहीं कसा है। एक प्रकार से उन्हें भी एजेंसी ने बख्श दिया है। जबकि इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा,पूर्व विशेष सचिव एपी त्रिपाठी,रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा,कारोबारी अनवर ढेबर,पूर्व सीएम के बेटे चैतन्य बघेल सहित कई लोग जेल भेजे जा चुके है। यदि देखा जाए तो शराब घोटाले में इनकी प्रत्यक्ष भूमिका न होकर अप्रत्यक्ष भूमिका जरूर रही है। लेकिन शराब घोटाले में प्रत्यक्ष भूमिका निभाने वाले सभी आबकारी अधिकारियों को जीवनदान देना समझ से परे है। अब ये आरोपी अधिकारी जमानत के लिए कोर्ट की शरण में चक्कर लगा रहे है। लेकिन जांच एजेंसी इन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है।

भाजपा संगठन में भी नाराजगी

शराब घोटाले को लेकर हो रही कार्रवाई और आरोपी अधिकारियों के खिलाफ नरमी बरते जाने से संगठन खेमा भी नाराज है। भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेश चंद्र गुप्ता ने भी सोशल मीडिया में अपनी नाराजगी जाहिर की है। उनका भी मानना है कि आबकारी अधिकारियों के खिलाफ एजेंसी को पुरजोर कार्रवाई करनी थी।

 

यह है निलंबित 29 आबकारी अधिकारी

चालान पेश होने के बाद राज्य सरकार ने आरोपी 29 आबकारी अधिकारीयों को निलंबित कर दिया। इनमे मुख्य रूप से जनार्दन कौरव सहायक जिला आबकारी अधिकारी, विकास कुमार गोस्वामी सहायक आयुक्त, अनिमेष नेताम उपायुक्त, विजय सेन उप आयुक्त, प्रमोद कुमार नेताम सहायक आयुक्त, रामकृष्ण मिश्रा सहायक आयुक्त, इकबाल खान जिला आबकारी अधिकारी, नितिन खंडूजा सहायक जिला आबकारी अधिकारी, नवीन प्रताप सिंह तोमर सहायक आयुक्त, सौरभ बक्शी सहायक आयुक्त आबकारी, दिनकर वासनिक सहायक आयुक्त, मोहित कुमार जायसवाल जिला आबकारी अधिकारी, नीतू तोतानी ठाकुर उप आयुक्त, गरीब पाल सिंह जिला आबकारी अधिकारी, नोहर सिंह ठाकुर उप आयुक्त, सोनम नेताम सहायक आयुक्त, प्रकाश पाल सहायक आयुक्त, आलेख राम सिदार सहायक आयुक्त, आशीष कोशम सहायक आयुक्त, एके सिंह जिला आबकारी अधिकारी रिटायर्ड, राजेश जायसवाल सहायक आयुक्त, जे आर मांडवी जिला आबकारी अधिकारी रिटायर्ड, जीएस नूरेटी सहायक आयुक्त रिटायर्ड, देवलाल वैद्य जिला आबकारी अधिकारी रिटायर्ड, एके अनंत जिला आबकारी अधिकारी रिटायर्ड, वेद राम लहरे सहायक आयुक्त रिटायर्ड, एलएल ध्रुव सहायक आयुक्त रिटायर्ड के नाम शामिल हैं।

Author Desk

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