सुप्रीम कोर्ट से दिल्ली दंगे के आरोपी शरजील इमाम और उमर खालिद को झटका, नहीं मिली जमानत
न्यूयॉर्क मेयर और आठ अमेरिकी सांसदों ने की थी मांग

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने जेल में बंद शरजील इमाम और उमर खालिद को झटका देते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। दिल्ली दंगे के मामले में याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला दिया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगे के मामले में 5 अन्य आरोपियों को जमानत दे दी है। कोर्ट ने इसका कारण भी बताया है।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इसके साथ ही दंगों के मामले में कार्यकर्ताओं गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि उमर खालिद और शरजील इमाम की स्थिति दिल्ली दंगों के मामले में अन्य आरोपियों की तुलना में अलग है।
जमानत को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई करते हुए जमानत के पहलूओं पर बात की। कोर्ट ने कहा- “देश की सुरक्षा से जुड़े अपराधों के मामलों में कानून के तहत जमानत का अलग और सख्त मानदंड लागू होता है। अदालत ने कहा कि यदि उपलब्ध सामग्री से पुलिस के आरोप प्रथमदृष्टया सही प्रतीत होते हैं, तो हिरासत (कारावास) को प्राथमिकता दी जाएगी लेकिन यदि ऐसा नहीं है, तो जमानत दी जानी चाहिए।”
उमर ख़ालिद और शरजील इमाम पर टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि “उमर ख़ालिद और शरजील इमाम यूएपीए की धारा 43डी (5) की कसौटी पर खरे नहीं उतरते। नतीजतन, उमर ख़ालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गईं। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा से जुड़े अपराधों में जमानत का मानदंड अलग और सख्त होता है। अगर आरोप प्रथम दृष्टया सही लगते हैं, हिरासत जारी रहेगी। अगर प्रथम दृष्टया सही नहीं लगते, जमानत दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “न्यायालय ने जानबूझकर सामूहिक या एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने से परहेज किया है। न्यायालय इस बात से संतुष्ट है कि अभियोजन पक्ष की सामग्री से अपीलकर्ताओं उमर खालिद और शरजील इमाम के विरुद्ध प्रथम दृष्टया आरोप सिद्ध होते हैं। इन अपीलकर्ताओं के संबंध में वैधानिक सीमा लागू होती है। कार्यवाही के इस चरण में उन्हें जमानत पर रिहा करना उचित नहीं है।
न्यूयॉर्क के मेयर ममदानी ने खालिद को लिखी थी चि_ी
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने हाल ही में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद उमर खालिद को चि_ी लिखी थी। ममदानी ने इस चि_ी में लिखा- “प्रिय उमर, मैं अक्सर आपके उन शब्दों को याद करता हूं, जिनमें कड़वाहट को खुद पर हावी नहीं होने देने की बात कही गयी थी। आपके माता-पिता से मिलकर खुशी हुई। हम सब आपको लेकर चिंतित हैं।” आपको बता दें कि उमर खालिद के पिता कासिम रसूल इलियास ने कुछ ही दिनों पहले अमेरिका की यात्रा की थी और ममदानी से मुलाकात की थी।
अमेरिका के आठ सांसदों ने की जमानत की मांग
अमेरिका के आठ सांसदों ने दिल्ली दंगा मामले में आरोपी उमर खालिद को जमानत पर रिहा करने की मांग की थी। इस मांग को लेकर अमेरिकी सांसदों ने अमेरिका में तैनात भारतीय राजदूत को चि_ी लिखी। चि_ी में उमर खालिद को जमानत देने और दिल्ली दंगा मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई करने की भी मांग की गई थी।



