छत्तीसगढ़

आपत्तिजनक फोटो वायरल होने पर सरकार ने आईपीएस रतन लाल डांगी को किया निलंबित

आपत्तिजनक फोटो वायरल होने पर सरकार ने आईपीएस रतन लाल डांगी को किया निलंबित

रायपुर। चर्चित आईजी आईपीएस रतन लाल डांगी को सरकार ने निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उनके आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद की गई है। इसका आदेश गृह (पुलिस) विभाग, छग शासन ने जारी किया है।

बताया जा रहा है कि आईपीएस रतन लाल डांगी ने अपने पद की गरिमा के अनुरूप आचरण नहीं किया और ऐसा व्यवहार किया जो नैतिकता और सेवा नियमों के खिलाफ है। उन पर पद के प्रभाव का दुरुपयोग करने और स्थापित सामाजिक मानकों का उल्लंघन करने के आरोप भी लगे हैं। आदेश में कहा गया है कि उनकी गतिविधियां सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुईं, जिससे पुलिस विभाग की छवि पर नकारात्मक असर पड़ा। इस आधार पर उनके खिलाफ अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम 1968 के तहत कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। फिलहाल आईपीएस रतन लाल डांगी को निलंबित कर विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

निलंबन अवधि के दौरान रतन लाल डांगी का मुख्यालय पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर निर्धारित किया गया है। जारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। साथ ही सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। शासन की इस कार्रवाई को प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने की दिशा में सख्त कदम माना जा रहा है।

यह है पूरा मामला :

उल्लेखनीय है कि विगत दिनों एक महिला ने 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी रतनलाल डांगी पर यौन उत्पीडऩ का आरोप लगाया था। बताया गया कि एक सब इंस्पेक्टर की पत्नी ने इस मामले की शिकायत उच्च पदस्थ अधिकारियों से की है। रतनलाल डांगी पर आरोप लगाया कि बीते सात सालों से पीडि़ता का उत्पीडऩ कर रहे हैं। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिक स्तर पर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। पीडि़त महिला के पास आईपीएस रतनलाल डांगी के ख़िलाफ़ कई आपत्तिजनक डिजिटल साक्ष्य मौजूद होने की बात सामने आई।

पीडि़ता ने आईपीएस के खिलाफ शारीरिक और मानसिक उत्पीडऩ की शिकायत की। पीडि़ता ने अपनी शिकायत में यह कहा है कि साल 2017 में वह रतनलाल डांगी के संपर्क में आई थी। तब डांगी कोरबा एसपी के पद पर तैनात थे। शुरू-शुरू में सोशल मीडिया पर बातचीत शुरू हुई थी। रतनलाल डांगी की दंतेवाड़ा पदस्थापना के दौरान पीडि़ता वीडियो काल के ज़रिए उन्हें योगा सिखाया करती थी। दंतेवाड़ा के बाद रतनलाल डांगी का तबादला राजनांदगांव हो गया। तब भी वह संपर्क में बनी रही। शिकायत में पीडि़ता ने यह आरोप लगाया है कि सरगुजा आईजी बनने के बाद रतनलाल डांगी ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया। बिलासपुर आईजी बनने के बाद यह सिलसिला लगातार बढ़ता चला गया। उच्च पदस्थ अफसरों से की गई शिकायत में पीडि़ता ने यह आरोप लगाया है कि रतनलाल डांगी अपनी पत्नी की ग़ैर मौजूदगी में उसे बंगले पर बुलाते थे।

आरोप है कि आईपीएस रतनलाल डांगी ने चंदखुरी प्रशिक्षण अकादमी में अपने तबादले के बाद भी वीडियो काल के ज़रिए उत्पीडऩ जारी रखा। पीडि़ता ने आरोप लगाया कि सुबह पांच बजे से लेकर रात दस बजे तक डांगी कई बार वीडियो काल पर बात करने का दबाव बनाते थे। पीडि़ता ने अपनी शिकायत में यह कहा है कि पति की नौकरी पर आंच न आए इसलिए वह अब तक चुप रही है। आरोप है कि रतनलाल डांगी उसे नक्सल प्रभावित इलाकों में तबादला कर देने की धमकी दिया करते थे।

बता दें कि रतनलाल डांगी बतौर एसपी बीजापुर, कांकेर, कोरबा और बिलासपुर जैसे जि़लों में तैनात रहे हैं। साथ ही सरगुजा, दुर्ग और बिलासपुर रेंज के आईजी भी रह चुके हैं। वर्तमान में वे छत्तीसगढ़ के चंदखुरी स्थित पुलिस ट्रेनिंग अकादमी में निदेशक पद पर कार्यरत हैं।

Author Desk

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button