छत्तीसगढ़

धमतरी पुलिस की हाई अलर्ट बलवा ड्रिल, अश्रु गैस से लेकर फायरिंग तक का हुआ व्यापक अभ्यास


धमतरी- जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को रक्षित केंद्र धमतरी के परेड ग्राउंड में धमतरी पुलिस द्वारा व्यापक बलवा ड्रिल मॉक अभ्यास आयोजित किया गया। इस दौरान दंगा, हिंसक प्रदर्शन और उपद्रव जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए पुलिस बल ने आधुनिक सुरक्षा रणनीति, त्वरित रिस्पांस सिस्टम और उन्नत संसाधनों के साथ अभ्यास किया।
मॉकड्रिल के दौरान पुलिस अधिकारियों एवं जवानों ने उपद्रव और हिंसक भीड़ नियंत्रण की वास्तविक परिस्थितियों का प्रदर्शन किया। अभ्यास में प्रदर्शनकारियों द्वारा पथराव, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा पुलिस बल पर आक्रामक व्यवहार की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। इसके बाद पुलिस टीमों ने चरणबद्ध तरीके से हालात पर नियंत्रण पाने की कार्रवाई का प्रदर्शन किया।
सबसे पहले पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर शांतिपूर्ण ढंग से स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। भीड़ के उग्र होने और पथराव शुरू होने पर पुलिस ने चेतावनी दी। हालात बिगड़ते देख अश्रु गैस के गोले छोड़े गए, जिससे उपद्रवियों को तितर-बितर करने का अभ्यास किया गया। इसके बाद भी हिंसक गतिविधियां जारी रहने की स्थिति में पुलिस ने माइक अनाउंसमेंट के माध्यम से अंतिम चेतावनी दी और फिर लाठीचार्ज कर भीड़ को नियंत्रित करने की कार्रवाई की गई।
मॉकड्रिल के दौरान गंभीर स्थिति निर्मित होने पर मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद पांच राउंड फायरिंग का भी अभ्यास किया गया। पुलिस जवानों ने दंगाइयों को नियंत्रित करने, सुरक्षा घेरा बनाने और संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की रणनीति का प्रदर्शन किया। अभ्यास के दौरान यह भी दिखाया गया कि आपात स्थिति में पुलिस बल किस प्रकार त्वरित निर्णय लेकर हालात पर नियंत्रण स्थापित करता है।
इस विशेष अभ्यास के लिए पुलिस जवानों की अलग-अलग टीमें गठित की गई थीं, जिनमें टियर गैस पार्टी, केन पार्टी, लाठी पार्टी, राइफल पार्टी और मेडिकल पार्टी शामिल थीं। प्रत्येक टीम को उनके दायित्वों के अनुरूप आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे।
मॉकड्रिल में कुछ प्रदर्शनकारियों और पुलिस जवानों के घायल होने की काल्पनिक स्थिति भी तैयार की गई। मेडिकल टीम ने तत्काल प्राथमिक उपचार देकर घायलों को एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का सफल प्रदर्शन किया। इस दौरान आपातकालीन परिस्थितियों में मेडिकल रिस्पांस और पुलिस समन्वय का अभ्यास भी कराया गया।
बलवा ड्रिल में दंगाई और पुलिस – दोनों की भूमिकाएं पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने निभाईं। पूरे अभ्यास का उद्देश्य पुलिस बल की कार्यकुशलता, अनुशासन, समन्वय क्षमता और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत बनाना रहा। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में किसी भी अप्रिय स्थिति, धरना-प्रदर्शन या हिंसक भीड़ की स्थिति में पुलिस बल पूरी तैयारी के साथ तत्काल कार्रवाई करने में सक्षम रहे, इसके लिए लगातार इस प्रकार के प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं।
अभ्यास के अंत में पुलिस अधिकारियों द्वारा पूरे मॉकड्रिल की समीक्षा की गई। इस दौरान बलवा नियंत्रण, टीम समन्वय, सुरक्षा उपकरणों के उपयोग और रणनीतिक कार्रवाई को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस जवानों को प्रोत्साहित भी किया गया।
मॉकड्रिल के दौरान जिले के थाना एवं चौकी प्रभारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Author Desk

Related Articles

Back to top button