खरीफ सीजन से पहले किसानों को बड़ी राहत, अब बिना टोकन मिलेगा खाद

प्रशासन ने बढ़ाई खाद की उपलब्धता, कालाबाजारी पर रहेगी सख्त नजर
धमतरी-खरीफ सीजन की तैयारी कर रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब किसानों को खाद लेने के लिए टोकन व्यवस्था की जटिल प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। जिला प्रशासन ने उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए वितरण व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बना दिया है, जिससे किसानों को समय पर खाद मिल सकेगी।
कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार किसानों को उनके रकबे और आवश्यकता के अनुरूप यूरिया, डीएपी तथा सुपर फास्फेट खाद उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण रखना है।
जिले की 96 सहकारी समितियों में कुल 37 हजार 238 मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया गया है और वितरण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए खाद वितरण की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी प्रकार की परेशानी न हो।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम निजी खाद दुकानों और विक्रेताओं का नियमित निरीक्षण कर रही है। प्रशासन ने साफ किया है कि कालाबाजारी, निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूली या किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत किसानों को प्रति एकड़ के हिसाब से संतुलित मात्रा में खाद उपलब्ध कराया जाएगा। विभाग ने कहा है कि छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता देते हुए सभी किसानों को निर्धारित कोटा उपलब्ध कराया जाएगा। 2.50 एकड़ तक भूमि रखने वाले किसानों को दो किस्तों में खाद दिया जाएगा, जबकि इससे अधिक रकबा वाले किसानों को तय मानकों के अनुसार उर्वरक वितरित किया जाएगा।
कृषि विभाग ने किसानों से संतुलित मात्रा में उर्वरकों के उपयोग की अपील करते हुए वैज्ञानिक पद्धति अपनाने की सलाह दी है, ताकि मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहे। साथ ही किसी भी प्रकार की शिकायत सीधे कृषि विभाग कार्यालय में दर्ज कराने की बात कही गई है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि खरीफ सीजन को देखते हुए जिले में खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है और किसानों को बिना परेशानी समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि खाद की कालाबाजारी और अधिक कीमत वसूली किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लगातार निरीक्षण के जरिए वितरण व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है।
उन्होंने विश्वास जताया कि नई व्यवस्था से किसानों को समय पर खाद उपलब्ध होगा और खरीफ सीजन में फसल उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।



