धमतरी जिले में 5 जून को होंगी विशेष ग्राम सभाएंठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर होगा मंथन

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन हेतु पंचायतों को दिए गए आवश्यक निर्देश
धमतरी-विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को धमतरी जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इन सभाओं का मुख्य उद्देश्य नवीन ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 (Solid Waste Management Rules, 2026) के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा करना तथा ग्रामीणों को स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील क्रमांक 6174/2023 में पारित आदेश के पालन में जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी। इस संबंध में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने धमतरी, कुरूद एवं नगरी के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जारी निर्देशों में कहा गया है कि “ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026” के प्रभावी क्रियान्वयन एवं स्वच्छ और सतत ग्राम विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित विशेष ग्राम सभा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। ग्राम सभाओं में नियमों के संबंध में प्रस्ताव एवं संकल्प पारित किए जाएंगे। साथ ही माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय की अनुवादित प्रति का वाचन कर ग्रामीणों को विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
निर्देशों के अनुसार ग्राम सभाओं में लिए गए निर्णयों की अधिकतम 15 मिनट की वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य रूप से की जाएगी तथा उसे “ग्राम सभा निर्णय” (GS NIRNAY) मोबाइल एप में अपलोड किया जाएगा। इसके अलावा भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा विकसित एआई आधारित नवीन पोर्टल “सभासार” का उपयोग करते हुए ग्राम सभा की कार्यवाही विवरण तैयार किया जाएगा।
प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि ग्राम सभा से संबंधित सभी गतिविधियों की जानकारी वाइब्रेंट ग्राम सभा पोर्टल एवं जीपीडीपी पोर्टल पर शत-प्रतिशत अपलोड की जाए।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने अधिकारियों को ग्राम सभाओं के सफल आयोजन के लिए आवश्यक तैयारियां समयपूर्व पूर्ण करने तथा ग्रामीणों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विशेष ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति व्यापक जनजागरूकता विकसित होगी तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ ग्राम निर्माण के लक्ष्य को नई मजबूती मिलेगी।



