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पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा पूरी, कहा आतंक के वित्तपोषण के खिलाफ भारत इटली की पहल वैश्विक नजीर

ग्लोबल डिप्लोमेसी पर भारत की छाप

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पांच देशों के आधिकारिक दौरे को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए बुधवार को इटली के रोम से भारत के लिए प्रस्थान किया। यह दौरा भारत की वैश्विक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इटली यात्रा को अत्यंत सफल बताया और कहा कि उनकी वार्ता इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर केंद्रित रही। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारत और इटली ने अपने संबंधों को स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप तक ले जाने का निर्णय लिया है, जिससे दोनों देशों के सहयोग को नई दिशा और गति मिलेगी। इसके अलावा, पीएम मोदी ने इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मटेरेला से भी मुलाकात की। इस दौरान व्यापार, निवेश, संस्कृति, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, महत्वपूर्ण खनिज, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई।

आतंक के वित्तपोषण के खिलाफ भारत इटली की पहल वैश्विक नजीर: मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद मानवता के लिए एक गंभीर चुनौती है और भारत-इटली दोनों इस बात पर एकमत हैं। आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ हमारी पहल ने पूरी दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत किया है। पीएम मोदी ने कहा, भारत और इटली ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिम्मेदार लोकतंत्र न केवल आतंकवाद की निंदा करते हैं, बल्कि इसके वित्तीय नेटवर्क को बाधित करने के लिए ठोस कदम भी उठाते हैं। पीएम ने यूक्रेन और पश्चिम एशिया संकट के बारे में कहा कि हम यूक्रेन, पश्चिम एशिया और अन्य तनावों के संबंध में लगातार एक-दूसरे के संपर्क में हैं। भारत का दृष्टिकोण स्पष्ट है कि सभी समस्याओं का समाधान संवाद और कूटनीति से होना चाहिए। इटली की पीएम जियोर्जिया मेलनी के साथ वार्ता के बाद साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी ने कहा, दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के साथ-साथ हमारी सेनाओं में भी सहयोग बढ़ रहा है।

इटली दौरे की बड़ी उपलब्धियां
भारत और इटली के बीच संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी में बदलने से द्विपक्षीय सहयोग तेजी से आगे बढ़ेगा। भारत-इटली रक्षा औद्योगिक रोडमैप के तहत रक्षा सहयोग और रक्षा उत्पादन तंत्र को मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही दुर्लभ खनिजों के क्षेत्र में सहयोग के लिए हुए एमओयू से खोज, खनन और उत्पादन में तेजी आएगी। आधुनिक तकनीक और निवेश के क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ेगा। ईडी और इटली की वित्तीय निगरानी इकाई के बीच सहयोग से टैक्स संबंधी अपराधों, धनशोधन और आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ मिलकर काम किया जाएगा।

भारत और इटली ने वर्ष 2027 को संस्कृति और पर्यटन वर्ष के रूप में मनाने का समझौता किया है, जिससे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। भारतीय नर्सों को इटली में रोजगार देने के समझौते से भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और वैश्विक स्तर पर भारतीय कार्यबल की गुणवत्ता को मान्यता मिलेगी। गुजरात के लोथल में नेशनल मेरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स के निर्माण से जुड़े एमओयू से भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को मजबूती मिलेगी। उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में सहयोग के लिए तैयार रोडमैप से शोध की गुणवत्ता, औद्योगिक संपर्क और आधुनिक शिक्षण प्रणाली को विकसित करने में मदद मिलेगी, जिससे क्षमता निर्माण को गति मिलेगी। समुद्री परिवहन क्षेत्र में सहयोग से जुड़े एमओयू से समुद्री बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा और इस क्षेत्र में विकास को नई दिशा मिलेगी।

रणनीतिक साझेदारी को मिला नया आयाम
दोनों देशों ने संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-29 की प्रगति की समीक्षा की और व्यापार, निवेश, तकनीक, रक्षा, ब्लू इकोनॉमी, कनेक्टिविटी, शिक्षा और जन-से-जन संबंधों जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई। इटली सरकार ने भी इस यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि भारत और इटली के संबंध अब अपने सबसे उच्च स्तर पर पहुंच चुके हैं।

विदेश मंत्रालय ने बताया यात्रा को सफल
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी इस दौरे को बेहद सफल बताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा के अंतिम चरण में इटली में कई महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए हैं। पीएम मोदी ने 15 से 20 मई तक संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा किया। इस दौरान भारत ने कई देशों के साथ अपने आर्थिक, रणनीतिक और तकनीकी संबंधों को मजबूत किया।

भारत और इटली के बीच का द्विपक्षीय व्यापार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले जून 2024 में ग्रुप ऑफ सेवन (जी7) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए इटली गए थे। अब उनका यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत और इटली के बीच द्विपक्षीय संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देश संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 को सक्रिय रूप से लागू कर रहे हैं। इस व्यापक रोडमैप के तहत व्यापार, निवेश, रक्षा और सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, नवाचार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संपर्क जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जा रहा है।

मंत्रालय ने बताया कि वर्ष 2025 में भारत-इटली द्विपक्षीय व्यापार 16.77 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। वहीं अप्रैल 2000 से सितंबर 2025 के बीच इटली से भारत में 3.66 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) दर्ज किया गया। दोनों देश रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

यात्रा के दौरान मिले कई सम्मान
इसी यात्रा क्रम में नॉर्वे दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल ऑर्डर ऑफ मेरिट’ से सम्मानित किया गया, जो उनका 32वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। नॉर्वे में उन्होंने भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भी भाग लिया। इसके अलावा स्वीडन में उन्हें ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार’ से सम्मानित किया गया और दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करते हुए रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने पर सहमति जताई।

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