भखारा नगर में जैन संतों का मंगल प्रवेश, नगर पंचायत द्वारा भव्य स्वागत

146वें उपवास पर विराग मुनि जी की तपस्या बनी श्रद्धा का केंद्र
भखारा- धर्म, तप और संयम की पावन धारा उस समय भखारा नगर में प्रवाहित हुई जब व्याख्यान वाचस्पति परम पूज्य जयानंद मुनि जी महाराज साहेब के सुशिष्य रत्न गणाधीश पन्यास प्रवर श्री विनय कुशल मुनि गणी जी महाराज साहेब के सान्निध्य में विशाल जैन संत मंडल का धमतरी से पद विहार करते हुए नगर पंचायत भखारा में मंगल प्रवेश हुआ। संतों के आगमन से पूरे नगर का वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया।
इस पावन अवसर पर परम पूज्य नन्दीसेन मुनि जी महाराज साहेब, पन्यास प्रवर श्री वीरभद्र मुनि गणी जी महाराज साहेब (विराग मुनि जी), भव्य मुनि जी महाराज साहेब, सोमभद्र मुनि जी महाराज साहेब, सुहस्ति भद्र मुनि जी महाराज साहेब एवं शतावधानी बालमुनि हंसभद्र जी महाराज साहेब का नगरवासियों द्वारा श्रद्धा एवं भक्ति भाव से स्वागत-वंदन एवं अभिनंदन किया गया।
नगर पंचायत भखारा की ओर से अध्यक्ष श्रीमती ज्योति हरख जैन व विधायक प्रतिनिधि हरख जैन एवं नगर पंचायत सीएमओ हरिकिशन पावरिया सहित अन्य जन प्रतिनिधि ने गुरु भगवंतों का आत्मीय स्वागत करते हुए मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों, समाजजनों एवं श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या उपस्थित रही। नगर में जगह-जगह गुरु भगवंतों के दर्शन हेतु श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
विशेष रूप से तपस्या एवं त्याग की प्रतिमूर्ति पन्यास प्रवर श्री वीरभद्र मुनि गणी जी महाराज साहेब “विराग मुनि जी” की कठोर साधना श्रद्धालुओं के आकर्षण एवं श्रद्धा का केंद्र बनी रही। आपको बता दें कि विराग मुनि जी का आज 146वां उपवास जारी है। भीषण तेज गर्मी के बावजूद गुरुदेव निरंतर पद विहार एवं कठोर तप साधना कर रहे हैं, जिसकी समाजजनों एवं नगरवासियों ने भावपूर्ण अनुमोदना की। श्रद्धालुओं ने इसे अद्भुत तप, संयम और आत्मबल का जीवंत उदाहरण बताया।
गुरु भगवंतों के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु दल्ली राजहरा, रायपुर, खोरपा, सेमरा, गातापार, कांकेर सहित विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु एवं दर्शनार्थी भखारा पहुंचे। दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गुरु भगवंतों के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया तथा तपस्वी संतों की अनुमोदना करते हुए धर्म लाभ प्राप्त किया।
नगर पंचायत भखारा द्वारा संतों के आगमन को नगर का सौभाग्य बताते हुए कहा गया कि ऐसे संतों के सान्निध्य से नगर में सकारात्मकता, सद्भावना एवं आध्यात्मिक चेतना का संचार होता है। गुरुदेवों ने भी अपने आशीर्वचनों में मानव जीवन में संयम, अहिंसा, सेवा एवं सदाचार को अपनाने का संदेश दिया।
संतों के मंगल प्रवेश के दौरान पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने जयकारों, मंगल गीतों एवं वंदन के साथ वातावरण को धर्ममय बना दिया। भखारा नगर में जैन संतों के आगमन को लेकर समाजजनों में विशेष उत्साह एवं हर्ष का माहौल देखने को मिला।



