छत्तीसगढ़

स्वच्छ धमतरी के लिए एसबीएम की महिलाओं को दिए गए विशेष निर्देश, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में लापरवाही पर होगी कार्रवाई

 

स्वच्छ धमतरी के लिए एसबीएम की महिलाओं को दिए गए विशेष निर्देश, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में लापरवाही पर होगी कार्रवा

धमतरी। नगर पालिक निगम धमतरी के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के अंतर्गत स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) से जुड़ी 171 महिला स्वच्छता कर्मियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के सभापति नीलेश लूनिया ने की। बैठक में शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कचरा पृथक्करण एवं बरसात के मौसम में स्वच्छ वातावरण बनाए रखने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक को संबोधित करते हुए सभापति नीलेश लूनिया ने कहा कि शहर के प्रत्येक घर से नियमित रूप से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण सुनिश्चित किया जाए तथा कोई भी घर इस व्यवस्था से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन की महिलाएं शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। ऐसे में कार्य के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने सभी महिला कर्मियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक घर से गीले एवं सूखे कचरे का पृथक-पृथक संग्रहण सुनिश्चित करें तथा नागरिकों को भी कचरा पृथक्करण के लिए प्रेरित करें। प्लास्टिक, झिल्ली एवं डिस्पोजल जैसी सामग्री को अलग कर निर्धारित स्थान पर भेजने पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि नालियों में इस प्रकार का कचरा फेंकने से जल निकासी बाधित होती है, जिससे बरसात के दौरान जलभराव और गंदगी की समस्या उत्पन्न होती है।

पीडब्ल्यूडी विभाग के सभापति विजय मोटवानी ने कहा कि शहर का कोई भी घर डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण से नहीं छूटना चाहिए। उन्होंने वार्डों के प्रमुख चौक-चौराहों, सार्वजनिक स्थलों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग कराने तथा प्रत्येक सेंटर स्तर पर स्वच्छता एवं जन-जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकों को स्वच्छता, कचरा पृथक्करण एवं स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है।

जल विभाग के सभापति अखिलेश सोनकर ने कहा कि जो लोग घर का कचरा सार्वजनिक स्थानों, सड़कों अथवा नालियों में फेंकते हैं, उन्हें पहले समझाइश देकर डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था से जोड़ा जाए। यदि इसके बाद भी कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके विरुद्ध नगर निगम के प्रावधानों के अनुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ शहर का निर्माण तभी संभव है, जब नागरिक और नगर निगम मिलकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।

बैठक में सभी महिला स्वच्छता कर्मियों ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, नियमित डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कचरा पृथक्करण तथा जन-जागरूकता अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर हेमंत बंजारे, कुलेश सोनी, स्वास्थ्य अधिकारी कमलेश ठाकुर, शशांक मिश्रा, तरुण गजेंद्र, श्यामू सोना, धनेश सिन्हा, चंदू साहू सहित बड़ी संख्या में स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े कर्मचारी एवं महिलाएं उपस्थित रहीं।

Author Desk

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