छत्तीसगढ़

शिक्षा को जनआंदोलन बनाने सेलदीप बना मिसाल

शिक्षा जागरूकता कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब, कलेक्टर बोले— बच्चों की शिक्षा सबसे बड़ा निवेश

शिक्षा को जनआंदोलन बनाने सेलदीप बना मिसाल

शिक्षा जागरूकता कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब, कलेक्टर बोले— बच्चों की शिक्षा सबसे बड़ा निवेश

धमतरी – कुरूद विकासखंड के ग्राम सेलदीप में आयोजित शिक्षा जागरूकता एवं सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक भागीदारी का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, मातृशक्ति, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अधिकारियों ने भाग लिया। पूरे आयोजन में शिक्षा को जनआंदोलन का स्वरूप देने का संदेश दिया गया।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि किसी भी समाज का भविष्य उसके बच्चों की शिक्षा पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि सेलदीप के ग्रामीणों और मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी यह साबित करती है कि गांव अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति गंभीर है। जब पूरा समुदाय विद्यालय के विकास की जिम्मेदारी उठाता है, तब सीमित संसाधनों वाला स्कूल भी उत्कृष्ट संस्थान बन सकता है।

 

उन्होंने बताया कि हाल ही में ग्राम परखंदा में भी शिक्षा को लेकर प्रेरक पहल हुई थी और अब सेलदीप की सहभागिता जिले में सकारात्मक शैक्षणिक माहौल का संकेत है। उन्होंने कहा कि बच्चे परिवार और समाज की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उनकी शिक्षा में किया गया निवेश भविष्य में पूरे समाज को मजबूत करेगा।

 

कलेक्टर ने बताया कि कुरूद क्षेत्र में नर्सिंग कॉलेज, आईटीआई, बीएड कॉलेज और पॉलिटेक्निक जैसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना की दिशा में प्रशासन कार्य कर रहा है। इन संस्थानों के शुरू होने से स्थानीय युवाओं को बेहतर शिक्षा और कौशल विकास के अवसर मिलेंगे।

 

उन्होंने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की छात्रवृत्ति योजना की जानकारी देते हुए अभिभावकों से विशेष रूप से बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की। साथ ही श्रम विभाग की शिक्षा प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

 

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा ने कहा कि सेलदीप की यह पहल पूरे जिले के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ खेल, सांस्कृतिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों को भी समान महत्व देने की बात कही।

 

कार्यक्रम में जवाहर नवोदय विद्यालय में चयनित छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया। विद्यालय के विकास में सहयोग देने वाले दानदाताओं और समाजसेवियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, विद्यालयों में सामुदायिक सहभागिता मजबूत करने और प्रत्येक बच्चे को नियमित रूप से विद्यालय से जोड़ने का सामूहिक संकल्प लिया गया।

 

इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी, उप संचालक पंचायत नकुल वर्मा, सहायक संचालक शिक्षा यदुनंदन वर्मा, प्राचार्य बी.पी. चंद्र, जनप्रतिनिधि, पंचायत पदाधिकारी, अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Author Desk

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