धरसीवां की प्राचीन बावड़ी में डूबने से दो मासूमों की मौत, कुंबरगढ़ में पसरा मातम

धरसीवां की प्राचीन बावड़ी में डूबने से दो मासूमों की मौत, कुंबरगढ़ में पसरा मातम
धरसीवां। राजधानी रायपुर के धरसीवां क्षेत्र के कुंबरगढ़ स्थित प्राचीन चतुर्भुजी मंदिर परिसर में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। मंदिर परिसर की पुरानी बावड़ी में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है।
जानकारी के अनुसार, चतुर्भुजी मंदिर परिसर में स्थित यह प्राचीन बावड़ी काफी गहरी है। बच्चे अक्सर यहां खेलने आते थे। रोज की तरह खेलते-खेलते 7 वर्षीय साक्षी साहू, पिता योगेश साहू और 4 वर्षीय श्रवण धीवर, पिता भूपेंद्र धीवर अचानक बावड़ी के पानी में उतर गए। पानी की गहराई करीब 25 से 30 फीट होने के कारण दोनों बच्चे बाहर नहीं निकल पाए और डूबने से उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों बच्चों के शवों को बाहर निकलवाकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बताया जा रहा है कि यह बावड़ी ऐतिहासिक महत्व रखती है। मान्यता है कि प्राचीन काल में राजा कुंबरसिंह के समय उनकी रानी भी इस बावड़ी का उपयोग करती थीं। वर्षों से मौजूद इस बावड़ी में पहली बार इस तरह की दुखद घटना हुई है, जिसके बाद कुंबरगढ़ क्षेत्र में मातम का माहौल है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बावड़ी के चारों ओर सुरक्षा के लिए जाली लगाने और अन्य इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
धरसीवां थाना प्रभारी राजेंद्र दीवान ने बताया कि पंचनामा कार्रवाई के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।


