नीट पर संसद में घमासान, विपक्ष ने मांगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा; हंगामे के चलते लोकसभा सोमवार तक स्थगित

नीट पर संसद में घमासान, विपक्ष ने मांगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा; हंगामे के चलते लोकसभा सोमवार तक स्थगित
नई दिल्ली। नीट-यूजी पेपर लीक विवाद को लेकर संसद के मानसून सत्र में विपक्ष का विरोध प्रदर्शन जारी है। शुक्रवार को विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। विपक्ष के भारी हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्षी सांसदों का आरोप है कि नीट पेपर लीक मामले में सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की जांच की जानी चाहिए। विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री सदन में जवाब दें और अपने पद से इस्तीफा दें।
लोकसभा में विपक्ष की नारेबाजी के बीच सरकार की ओर से चर्चा का प्रस्ताव रखा गया। हालांकि हंगामा जारी रहने के कारण सदन की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। अब लोकसभा की अगली बैठक 27 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे होगी।
सरकार ने चर्चा का दिया भरोसा
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष से चर्चा में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार नीट मामले पर चर्चा के लिए तैयार है और प्रधानमंत्री भी इस विषय को गंभीरता से ले चुके हैं। रिजिजू ने कहा कि जब सभी पक्ष इस बात से सहमत हैं कि नीट मामले पर चर्चा होनी चाहिए, तो सदन में चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर संसद में चर्चा नहीं होगी तो देश में सही संदेश नहीं जाएगा।
राज्यसभा में भी हंगामा
संसद के मानसून सत्र के पांचवें दिन राज्यसभा में भी नीट पेपर लीक मुद्दे को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। हंगामे के चलते उच्च सदन की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। इससे पहले राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कारगिल युद्ध के वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने देश के लिए दिए गए सैनिकों के बलिदान और साहस को याद किया।
खरगे ने प्रधानमंत्री से संसद में बयान देने की मांग की
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश पर सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री संसद में आकर इस मुद्दे पर बयान दें। खरगे ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि संसद सत्र के दौरान प्रधानमंत्री को सदन के अंदर अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने, छात्रों से माफी मांगने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग किया गया। खरगे ने कहा कि विपक्ष शिक्षा व्यवस्था और नीट मामले पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन पहले सरकार को जवाबदेही तय करनी होगी। फिलहाल नीट पेपर लीक मुद्दे पर संसद में गतिरोध जारी है। विपक्ष सरकार पर दबाव बनाने में जुटा है, जबकि सरकार चर्चा के जरिए मामले पर बातचीत की बात कह रही है।



