छत्तीसगढ़

शराब घोटाला मामले के ओवरटाइम स्कैम में 4 आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत

10-10 लाख के मुचलके पर रिहाई का आदेश

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले से जुड़े ओवरटाइम स्कैम में हाईकोर्ट ने चार आरोपियों को नियमित जमानत दे दी है। अदालत ने आरोपी संजीव जैन और राजीव द्विवेदी समेत चारों आरोपियों को सशर्त रिहा करने का आदेश जारी किया है। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, आरोपियों को 10-10 लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो सक्षम जमानतदार प्रस्तुत करने होंगे। इन शर्तों को पूरा करने के बाद आरोपियों की रिहाई की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

मामला शराब घोटाले से जुड़े कथित ओवरटाइम स्कैम से संबंधित है, जिसमें जांच एजेंसी ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने आरोपियों को नियमित जमानत प्रदान की। अदालत के आदेश के बाद अब संबंधित जेल प्रशासन और जांच एजेंसी की ओर से आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत के सामने कई महत्वपूर्ण तर्क रखते हुए सबसे प्रमुख मुद्दा सिद्धार्थ सिंघानिया की भूमिका को लेकर उठाया गया। बचाव पक्ष ने कहा कि संबंधित कंपनी के मैनपावर कॉन्ट्रैक्ट का संचालन सिद्धार्थ सिंघानिया कर रहे थे, लेकिन उन्हें आरोपी बनाने के बजाय गवाह बनाया गया। वहीं, कंपनी के निदेशकों को आरोपी बना दिया गया, जबकि उनकी भूमिका अलग थी।

बचाव पक्ष ने कोर्ट को बताया कि शराब घोटाले के मूल अपराध में संजीव जैन को गवाह बनाया गया था, लेकिन उसी मामले से निकले कथित ओवरटाइम घोटाले में उन्हें आरोपी बना दिया गया। यह भी दलील दी गई कि कंपनी के मैनपावर कॉन्ट्रैक्ट का पूरा संचालन सिद्धार्थ सिंघानिया के हाथ में था।

मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कहा, कि जांच पूरी हो चुकी है और 18 मई 2026 को चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। आरोपी ईओडब्ल्यू के नोटिस पर लगातार उपस्थित होते रहे और जांच में पूरा सहयोग करते रहे। इसके बावजूद एफआईआर दर्ज होने के करीब 18 महीने बाद, 4 मई 2026 को उनकी गिरफ्तारी की गई।

मामले की सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि इसी मामले के एक अन्य सह-आरोपी को पहले ही हाईकोर्ट से नियमित जमानत मिल चुकी है। इसलिए समानता के सिद्धांत के आधार पर भी आरोपियों को राहत दिए जाने की मांग की गई।

सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने माना कि रिकॉर्ड के आधार पर आरोपियों की कथित भूमिका प्रत्यक्ष रूप से सामने नहीं आती, बल्कि मामले में दबावपूर्वक वसूली किए जाने के आरोप हैं। साथ ही जांच पूरी हो चुकी है, चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और आरोपी लंबे समय से न्यायिक हिरासत में हैं। ऐसे में नियमित जमानत देने के पर्याप्त आधार मौजूद हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने संजीव जैन, राजीव द्विवेदी समेत चारों आरोपियों को नियमित जमानत दी।

Author Desk

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