छत्तीसगढ़

कुरुद में रामकथा का रसपान करने उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़,श्रीराम जानकी की विवाह में नीलम, तारणी चन्द्राकर परिवार सहित श्रोता घराती बराती बनकर झूमें

धमतरी – कुरुद में नीलम फ्रेंड्स क्लब के बैनर तले स्व बाबूलाल चन्द्राकर की स्मृति में आयोजित श्री रामकथा का रसपान करने जनप्रतिनिधियों सहित पूरे क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।जिसके तीसरे दिन श्री राम जानकी विवाह प्रसंग में मंडी अध्यक्ष नीलम, तारणी चन्द्राकर परिवार सहित श्रोताओं ने घराती बराती बनकर विवाह गीतों पर जमकर झूमें।
कुरुद के पुरानी मंडी प्रांगण में आयोजित श्री रामकथा के तीसरे दिन शुक्रवार को कादमगिरी पीठाधीश्वर जगतगुरु स्वामी रामस्वरूपाचार्य महाराज चित्रकूट धाम ने श्री राम जानकी विवाह का प्रसंग सुनाया।

बेटी सम्मान देने और दिलाने के साथ भगवान से भी मिलाती है

आचार्य जी ने बेटी को अमूल्य रत्न बताते हुए कहा कि जिस घर में बेटी हो वह परिवार सौभाग्यशाली होता है।क्योंकि बेटी माता पिता के साथ परिवार को सम्मान देने के अलावा सम्मान दिलाती भी हैऔर भगवान से मिलाती भी है।जैसे माता सीता से विवाह करने भगवान श्री राम स्वयं जनकपुर पहुंचे।जिससे उनके माता पिता को सम्मान के साथ भगवान भी मिला।ऐसे अमूल्य रत्न की सुरक्षा करना हम सब का दायित्व है।उन्होंने मणिपुर की घटना का ज़िक्र करते हुए भारत देश के लिए शर्मनाक बताते हुए इसकी निंदा की।महाराज ने आगे कहा कि आज छत्तीगड़ में भी गौमाता वन ,संपदा नगण्य होती जा रही है।जिससे पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है।जिसकी संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाना होगा।स्वामी रामस्वरूपाचार्य जी महाराज ने श्रावण मास में पड़े पुरषोत्तम मास को शुभ और मंगलकारी बताते हुए कहा कि पुरषोत्तम मास ही एक ऐसा मास है जब सारे मन्दिरो देवालयों में पूजापाठ हो रही है।ऐसा संयोग सौ साल बाद आया है।जिसमें भगवान शिव के साथ श्रीराम चन्द्र भगवान की भी पूजा आराधना की जा रही है।जो अतिउत्तम और फलदायक है।महाराज ने कथा प्रसंग की ओर ले जाते हुए बताया कि मारीच और सुबाऊ ही राक्षस नही है यद्यपि हमारे ह्रदय में काम क्रोध,मद, लोभ, मोह,मत्सर छै विकार रूपी राक्षस है।जिसे मारने के लिए रामकथा रूपी अस्त्र की जरुरत है।जगतगुरु आचार्य ने धनुष को अंहकार का प्रतीक बताते हुए कहा कि अभिमान सबसे बड़ा राक्षक है जो रावण में था।जिसका अंहकार अंत में प्रभु राम के शरण में जाने से टूटा।वैसे ही मानव को किसी भी प्रकार का अंहकार नही करना चाहिए।हमारे अंदर बैठे अंहकार रूपी रावण को मारने भगवान राम की जरूरत है जो कलयुग में कथा श्रवण से ही मिल सकती है।महाराज ने जनप्रतिनिधियों की ओर इंगित करते हुए सच्चे जनसेवक, बनने स्वच्छ नेतृत्व देने की नसीहत दी।अंत में कथा प्रसंग के दौरान जींवत झांकी के माध्यम से राम जानकी विवाह प्रस्तुत की गई।जिसका श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।वहीं प्रमुख आयोजक मंडी अध्यक्ष नीलम चन्द्राकर, जिला पंचायत सभापति तारणी चन्द्राकर, पार्षद रजत चन्द्राकर सपत्नीक परिवार सहित उपस्थित श्रोताओं ने घराती बराती बनकर गायक संतोष साहू के द्वारा गाये गए विवाह गीतों पर जमकर थिरके।कथा श्रवण करने पूर्व राज्यसभा सदस्य श्रीमती छाया वर्मा,बिरेश ठाकुर -उपाध्यक्ष प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़,मदन मोहन खंडेलवाल , गोपाल शर्मा ,प्रभात राव मेघावाले , प्रतिभा चंद्राकर – पूर्व विधायक ,जनपद अध्यक्ष शारदा साहू, आनंद पवार, सुमन संतोष साहू , पुरषोत्तम चंद्राकर , प्रहलाद चंद्रकार , प्रमोद साहू , आशीष शर्मा , कृष्णकांत साहू, कुलेश्वर चंद्राकर, संतोष प्रजापति , गीता राम सिन्हा , नेहा सिंग , दामनी चंद्राकर , सूर्या देवांगन , मुकेश कोसरे ब्लाक अध्यक्ष भखारा , लीना कोसरे , डुमेश साहू , चंद्रहास साहू , श्रीमति राखी तपन चंद्राकर , रमेश साहू , शत्रुहन साहू , प्रमोद साहू , नवल केला , घनश्याम चंद्राकर , अमरदीप साहू , दीनबंधु चंद्राकार , तुलेश्वर सिन्हा , मुकेश साहू , धर्मीन साहू , प्रभा चंद्राकर , शिला चंद्राकर , मनीष चंद्राकर रायपुर , रामायण लाल साहू , शिवदत्त तिवारी , झरना साहू , रमेश केला , रामा बंजारे , नारायण साहू शिक्षक , पदम लता चंद्रकार , गोविंद साहू , त्रिवेणी साहू , ईश्वरी तारक ,पंकज केला , सहित बड़ी संख्या में श्रोता पहुंचे थे।आज राम गमन, भरत चरित्र तथा कल रविवार को अंतिम दिवस हनुमन्त चरित्र, रामराज्याभिषेक की कथा प्रसंग होगी।

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