छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री के सदन में दिये जवाब से कर्मचारी,1 अगस्त से दैनिक वेतन भोगियों का बेमुद्दत हड़ताल व लामबंदी

धमतरी - दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों व अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण संबंधी जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल  द्वारा सदन में कहा गया है कि अनियमित कर्मचारियों/दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश द्वारा प्रमुख सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग तथा सार्वजनिक उपक्रम विभाग की अध्यक्षता में समिती गठित की गई है। समिति की प्रथम बैठक दिनांक 09.01.2020 को आहुत की गई था, जिसमें समिति की अनुशंसा अनुसार शासन के समस्त विभाग से अनियमित, दैनिक वेतनभोगी पर कार्यरत कर्मचारियों की संख्यात्मक जानकारी प्राप्त हो गयी है। प्राप्त जानकारी अनुसार प्रदेश में 47 विभागों में कुल 50430 अनियमित/दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी कार्यरत हैं।  समिति की दूसरी बैठक दिनांक 16.08.2022 को आहूत की गई, जिसमें समिति की अनुशंसा अनुसार पांच बिन्दुओं की जानकारी शासन के समस्त विभागों से चाही गई है। 37 विभागों से जानकारी प्राप्त हुई हैं शेष 10 विभागों से जानकारी अप्राप्त है। समिति द्वारा की गई अनुशंसा अनुसार समस्त विभागों से जानकारी प्राप्त न होने के कारण समिति की रिपोर्ट अपेक्षित है। समय सीमा बताया जाना संभव नहीं है। समिति द्वारा की गई अनुशंसा अनुसार समस्त विभागों से जानकारी प्राप्त न होने के कारण समिति की रिपोर्ट अपेक्षित है। समय सीमा बताया जाना संभव नहीं है। 

दैनिक वेतन भोगियों का कहना है कि छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री को अपने अधीनस्थ विभागों से जानकारी मंगाने 05 वर्ष लग गये। इन 05 वर्षों में कर्मचारी अपनी नियमितीकरण की बाट जोहते रह गये। आर्थिक तंगी का ग्रस्त रहे। प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार है उनके द्वारा जनघोषणा पत्रा जारी किया गया था कि कांग्रेस की सरकार बनने पर आपके समस्याओं से हल करेंगे। दूर दृष्टि पक्का ईरादा, कांग्रेस करेगी पूरा वादा के साथ सत्ता में आये हैं। नियमितीकरण के संबंध में 10 विभागों की जानकारी प्राप्त न होने जैसा उत्तर कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टी के लिये गैर जिम्मेदाराना है। मुख्यमंत्री चाहे तो उनके 01 आदेश पर सभी विभागों से जानकारी प्राप्त हो सकती हैं। परंतु उनके नियत में ही इन दैनिक वेतन भोगियों को ठगना लिखा है। विधान सभा सत्रा के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा श्रम सम्मान निधि के रूप में 4000/- रूपये मासिक वृद्धि करने की घोषणा की गई है। परंतु दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी का आरोप है कि मुख्यमंत्रा जी ऊपर हमने भरोसा किया था उन्होने हमारे भरोसे के साथ विश्वास घात करते हुये भूपेश है तो भरोसा है शब्द को झुठलाया है। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारीयों द्वारा बताया गया कि हम सभी 01 अगस्त से बेमुद्दत हडताल करेंगे। मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी को उनका वादा याद दिलायेंगें। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों द्वारा बताया गया कि प्रदेश के समस्त जिलो एवं ब्लाक कार्यालयों में समस्त कर्मचारी 01 अगस्त 2023 से तूता माना में बेमुद्दत हडताल करेंगे।

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