छत्तीसगढ़

भीमा कोटेश्वर महादेव के दरबार में पहुंचे नागरिक बैंक अध्यक्ष हरमित सिंह होरा

विशेष पूजा-अर्चना कर अंचलवासियों और प्रदेश की खुशहाली के लिए की प्रार्थना, युवा नेता विशाल शर्मा रहे मौजूद

भीमा कोटेश्वर महादेव के दरबार में पहुंचे नागरिक बैंक अध्यक्ष हरमित सिंह होरा

विशेष पूजा-अर्चना कर अंचलवासियों और प्रदेश की खुशहाली के लिए की प्रार्थना, युवा नेता विशाल शर्मा रहे मौजूद

 

धमतरी-सावन के पावन महीने में भगवान भोलेनाथ की भक्ति से पूरा अंचल शिवमय है। इसी बीच नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष हरमित सिंह होरा ने सिहावा क्षेत्र के घने जंगलों के बीच स्थित प्रसिद्ध भीमा कोटेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन किए और विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना की।

 

इस दौरान हरमित सिंह होरा ने भगवान भोलेनाथ से अंचलवासियों सहित पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। उनके साथ युवा नेता विशाल शर्मा भी उपस्थित रहे।

 

भगवान भोलेनाथ से प्रदेश की खुशहाली की कामना

पूजा-अर्चना के बाद नागरिक बैंक अध्यक्ष हरमित सिंह होरा ने कहा कि सावन के पावन महीने में भगवान भीमा कोटेश्वर महादेव के दर्शन और पूजा-अर्चना करने का सौभाग्य मिला है। यह स्थान श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और विश्वास का केंद्र है। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना है कि अंचलवासियों और पूरे प्रदेश पर उनकी कृपा बनी रहे। सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली आए तथा छत्तीसगढ़ निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़े। भगवान भोलेनाथ सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करें, यही उनकी कामना है।

 

नीलकंठेश्वर स्वरूप की मान्यता से जुड़ा है मंदिर

 

धमतरी जिला मुख्यालय से करीब 65 किलोमीटर दूर सिहावा क्षेत्र के घने जंगलों के बीच स्थित भीमा कोटेश्वर महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां स्थित प्राचीन शिवलिंग को लेकर मान्यता है कि इसमें भगवान शिव का नीलकंठेश्वर स्वरूप विद्यमान है।

 

स्थानीय मान्यता के अनुसार, शिवलिंग पर दूध अर्पित करने पर उसका रंग नीला दिखाई देता है। इसी मान्यता के चलते सावन और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान कोटेश्वर महादेव के दर्शन और पूजन के लिए पहुंचते हैं।

 

प्राचीन स्वयंभू शिवलिंग है विशेष आकर्षण

 

भीमा कोटेश्वर महादेव का शिवलिंग करीब साढ़े चार फीट ऊंचा बताया जाता है। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि यह प्राचीन स्वयंभू शिवलिंग है, जिसे किसी पत्थर या चट्टान को काटकर अथवा तराशकर नहीं बनाया गया है। घने जंगलों और प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित यह धार्मिक स्थल अपनी प्राचीनता, मान्यताओं और आध्यात्मिक महत्व के कारण श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

 

सावन के पावन महीने में मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालु दूर-दूर से पहुंचकर भगवान भीमा कोटेश्वर महादेव का जलाभिषेक और पूजन कर रहे हैं। इसी क्रम में हरमित सिंह होरा ने भी भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर क्षेत्र और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

Author Desk

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