86 वर्षीय विशंभर साहू ने मृत्यु के बाद भी दिया मानवता का संदेश
मृत्यु के बाद परिवार ने पूरी रीति-रिवाज के साथ मेडिकल कॉलेज रायपुर को सौंपा पार्थिव शरीर, चिकित्सा विद्यार्थियों के लिए बनेगा अमूल्य योगदान

86 वर्षीय विशंभर साहू ने मृत्यु के बाद भी दिया मानवता का संदेश
मृत्यु के बाद परिवार ने पूरी रीति-रिवाज के साथ मेडिकल कॉलेज रायपुर को सौंपा पार्थिव शरीर, चिकित्सा विद्यार्थियों के लिए बनेगा अमूल्य योगदान
बालोद। मानवता और समाजसेवा की प्रेरणादायक मिसाल ग्राम डढ़ारी, तहसील गुरुर में देखने को मिली। गांव निवासी 86 वर्षीय विशंभर साहू ने करीब चार महीने पहले मृत्यु के बाद अपना शरीर चिकित्सा शिक्षा के लिए दान करने की घोषणा की थी। उनके निधन के बाद परिवार ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए पूरे रीति-रिवाज के साथ उनका पार्थिव शरीर मेडिकल कॉलेज रायपुर को समर्पित कर दिया।
विशंभर साहू के इस निर्णय के पीछे उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देना और मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत विद्यार्थियों को मानव शरीर की संरचना एवं चिकित्सा के अध्ययन में सहयोग प्रदान करना था। उनके देहदान से आने वाले समय में चिकित्सा के विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण शैक्षणिक लाभ मिलेगा, जो आगे चलकर बेहतर चिकित्सक बनकर समाज की सेवा कर सकेंगे।
परिवार से सूचना मिलने के बाद इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के वाइस चेयरमैन शिवा प्रधान को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद तत्काल एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। गजानंद विश्वकर्मा एवं हेमंत प्रधान के सहयोग से विशंभर साहू के पार्थिव शरीर को सुरक्षित रूप से मेडिकल कॉलेज रायपुर पहुंचाया गया।
विशंभर साहू का यह निर्णय केवल देहदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव सेवा और चिकित्सा शिक्षा के प्रति उनके समर्पण का उदाहरण है। मृत्यु के बाद भी उनका शरीर चिकित्सा विद्यार्थियों की शिक्षा में उपयोगी होगा और उनके माध्यम से भविष्य में अनेक चिकित्सक तैयार होकर समाज की सेवा करेंगे।
उनकी अंतिम इच्छा को सम्मान देते हुए परिवार द्वारा किया गया यह कार्य समाज के लिए भी एक प्रेरणादायक संदेश है। अंगदान, नेत्रदान, रक्तदान और देहदान जैसे कार्य मानव जीवन को बचाने और चिकित्सा के क्षेत्र को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर समाज के लोगों से भी अंगदान, नेत्रदान एवं देहदान के प्रति जागरूक होने की अपील की गई। संदेश दिया गया कि “अंगदान महादान है, शरीरदान मानवता के प्रति सबसे बड़ा सम्मान है।”
देहदान के इस प्रेरणादायक कार्य के लिए विशंभर साहू को भावपूर्ण श्रद्धांजलि। 🙏



