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चीखों के बीच रेस्क्यू : दिल्ली हॉस्टल हादसे में 7 की मौत, कई अब भी फंसे, जिम्मेदारों की नींद ने छीन ली छात्रों की जिंदगी

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर के पास सत्य निकेतन की संकरी गली में रविवार को पांच मंजिला इमारत भरभरा कर ढह गई। करीब 30 साल पुरानी यह इमारत लडक़ों के छात्रावास के रूप में इस्तेमाल की जा रही थी। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए राहत और बचाव अभियान जारी है। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा। राहत एवं बचाव दल लगातार मलबा हटाकर लोगों की तलाश में जुटे हैं। वहीं, घटना के बाद अब प्रशासनिक कार्रवाई भी तेज हो गई है।

7 मौतों के बाद एमसीडी पर उठे सवाल, अवैध निर्माणों पर सख्ती
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले में दिल्ली की मेयर प्रवेश वाही ने सख्त रुख अपनाते हुए अवैध निर्माणों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मेयर ने कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने चार मंजिल से अधिक ऊंचाई वाले सभी अवैध निर्माणों को तत्काल सील करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त करने की बात कही गई है। मेयर के मुताबिक, ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।

इमारत मालिक के खिलाफ एफआईआर, तलाश में जुटी पुलिस

हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने इमारत के मालिक हरिराम बंसल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, हादसे के बाद से हरिराम फरार है और उसकी तलाश की जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस ने गुरुग्राम समेत कई स्थानों पर छापेमारी की है। उसे पकडऩे के लिए पुलिस ने करीब 10 अलग-अलग टीमें गठित की हैं। पुलिस फरार आरोपी की संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।

इमारत गिरने का मामला हाईकोर्ट पहुंचा

सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने का मामला अब दिल्ली हाईकोर्ट भी पहुंच गया है। घटना को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका पर सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने सहमति जताई है। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की डिवीजन बेंच इस मामले पर सुनवाई करेगी। पीआईएल के जरिए हादसे की जिम्मेदारी तय करने और राजधानी में जर्जर एवं अवैध निर्माणों को लेकर प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई गई है।

एलजी ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग, सीएम भी रहेंगी मौजूद

घटना को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली के एलजी तरनजीत सिंह संधू ने सत्य निकेतन इमारत हादसे को लेकर हाई लेवल मीटिंग बुलाई है। बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद रहेंगी। बैठक में हादसे की परिस्थितियों, राहत एवं बचाव अभियान और राजधानी में अवैध व जर्जर इमारतों की स्थिति को लेकर चर्चा होने की संभावना है।

मलबे में अब भी जिंदगी की तलाश

एक तरफ पुलिस और प्रशासन हादसे की जिम्मेदारी तय करने में जुटा है, तो दूसरी ओर राहत एवं बचाव दल मलबे में जिंदगी तलाश रहा है। छह लोगों की मौत के बाद भी यह आशंका बनी हुई है कि मलबे में कुछ और लोग फंसे हो सकते हैं। सत्य निकेतन जैसे घनी आबादी वाले इलाके में पुरानी और असुरक्षित इमारतों के इस्तेमाल ने राजधानी में बिल्डिंग सेफ्टी और अवैध निर्माण पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब नजर इस बात पर है कि हादसे के बाद शुरू हुई कार्रवाई कितनी प्रभावी साबित होती है और जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की जाती है।

दुर्ग के छात्र की मौत, दोस्त से फोन पर बात करते-करते छूटी सांस

दुर्ग/नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को हुए दर्दनाक इमारत हादसे में छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी 20 वर्षीय छात्र युवराज सोनी की मौत हो गई। युवराज दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू कॉलेज में बीकॉम द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था और सत्य निकेतन स्थित बॉयज पीजी में रहता था। बताया जा रहा है कि युवराज छुट्टियों के बाद महज तीन दिन पहले ही दुर्ग स्थित अपने घर से दिल्ली लौटा था। परिवार और दोस्तों को क्या पता था कि दिल्ली लौटने के कुछ ही दिनों बाद एक दर्दनाक हादसा उसकी जिंदगी छीन लेगा। हादसे के वक्त युवराज अपने बचपन के दोस्त आर्यन से फोन पर बात कर रहा था। दोनों के बीच घूमने जाने का प्लान बन रहा था। इसी दौरान फोन पर अचानक तेज और भयावह गडग़ड़ाहट की आवाज सुनाई दी। आर्यन के मुताबिक, आवाज सुनकर उसने घबराते हुए बार-बार युवराज से पूछा हेलो… हेलो… तू ठीक है?” लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं आया। करीब एक मिनट बाद फोन कट गया। आर्यन लगातार इस उम्मीद में रहा कि युवराज दोबारा फोन करेगा, लेकिन उसका कॉल नहीं आया।
इमारत गिरने की खबर मिली तो घटनास्थल पहुंचा दोस्त

कुछ देर बाद आर्यन को सत्य निकेतन में इमारत ढहने की खबर मिली। खबर सुनते ही उसके होश उड़ गए। उसे आशंका हुई कि जिस समय फोन पर युवराज से बात हो रही थी, उसी दौरान शायद हादसा हुआ था। आर्यन तत्काल सत्य निकेतन पहुंचा। वहां राहत और बचाव अभियान चल रहा था। मलबे के बीच अपने दोस्त को तलाशते हुए उसकी बेचैनी बढ़ती गई। बाद में युवराज की मौत की खबर सामने आई।

Author Desk

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