राजस्थान और महाराष्ट्र में दो बड़े सडक़ हादसे, 11 लोगों की मौत; कई श्रद्धालु घायल

कोटा में टेंपो ट्रैवलर पुल से 15 फीट नीचे गिरी, नांदेड़ में तीर्थयात्रियों का वाहन गहरी खाई में गिरा
नई दिल्ली। देश के दो अलग-अलग राज्यों में शनिवार सुबह हुए सडक़ हादसों में श्रद्धालुओं की जान चली गई। राजस्थान के कोटा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर श्रद्धालुओं से भरी टेंपो ट्रैवलर दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें करीब आठ लोगों की मौत की खबर है, जबकि 15 से अधिक यात्री घायल हुए हैं। वहीं, महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में नवरात्रि के दौरान मंदिर के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं का टेंपो करीब 100 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हुए हैं।
राजस्थान के कोटा जिले में शनिवार सुबह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण सडक़ हादसा हो गया। सीमलिया थाना क्षेत्र में श्रद्धालुओं से भरी एक टेंपो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर नाले के ऊपर बने पुल से टकराने के बाद करीब 15 फीट नीचे जा गिरी। हादसे में बैतूल निवासी करीब आठ लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि 15 से अधिक यात्री घायल हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां गंभीर रूप से घायल यात्रियों का आईसीयू में इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, टेंपो ट्रैवलर में 25 से अधिक श्रद्धालु सवार थे। सभी भोपाल से राजस्थान स्थित खाटूश्यामजी के दर्शन के लिए जा रहे थे। शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे आठ लेन वाले दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सीमलिया थाना क्षेत्र में वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया। इसके बाद टेंपो ट्रैवलर नाले के ऊपर बने पुल से टकराकर नीचे जा गिरी।
हादसे के बाद मची चीख-पुकार
हादसा इतना भीषण था कि वाहन में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों और राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही पुलिस और राहत दल घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। राहत एवं बचाव दल ने वाहन में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की। घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को विशेष चिकित्सा निगरानी में रखा गया है।
नाले में पानी और कीचड़ से रेस्क्यू में आई परेशानी
जानकारी के अनुसार, श्रद्धालु भोपाल से टेंपो ट्रैवलर में सवार होकर खाटूश्यामजी के दर्शन करने जा रहे थे। कोटा के सीमलिया थाना क्षेत्र में अचानक वाहन अनियंत्रित हो गया। इसके बाद वह नाले के ऊपर बने पुल से टकराकर करीब 15 फीट नीचे जा गिरा। हादसे में कई यात्री वाहन के अंदर फंस गए। उन्हें बाहर निकालने के लिए क्रेन की मदद ली गई। नाले में पानी और कीचड़ होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में परेशानी आई। पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। वहीं, मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
चालक को नींद की झपकी आशंका
कोटा ग्रामीण के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकल्याण मीणा ने हादसे में करीब आठ लोगों की मौत और 15 से अधिक यात्रियों के घायल होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बस में सवार यात्री अलग-अलग परिवारों से थे, लेकिन सभी एक-दूसरे को जानते थे। इस यात्रा की योजना बनाने वाला व्यक्ति भी टेंपो ट्रैवलर में सवार था। वह भी हादसे में घायल हुआ है और कोटा मेडिकल कॉलेज में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि रात में वाहन चलाने के दौरान चालक को नींद की झपकी आ गई होगी। इसी वजह से टेंपो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर पुल से नीचे गिर गई। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
आईसीयू में गंभीर घायलों का इलाज
कोटा के जिला कलेक्टर पीयूष समारिया ने बताया कि हादसे में घायल सभी यात्रियों का इलाज किया जा रहा है। जिनकी हालत गंभीर है, उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है। प्रशासन घायलों के उपचार पर नजर रख रहा है। हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं। दुर्घटना में आठ लोगों की मौत की खबर से उनके परिवारों में शोक का माहौल है। मृतकों की पहचान और हादसे से जुड़ी अन्य जानकारियों की पुष्टि के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है।
महाराष्ट्र के नांदेड़ में 100 फीट गहरी खाई में गिरा टेंपो
महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में नवरात्रि के दौरान मंदिर के दर्शन कर लौट रहे लोगों के साथ दर्दनाक हादसा हो गया। केरोली घाट पर एक तीर्थयात्रियों से भरा टेंपो करीब 100 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, हादसा शनिवार सुबह करीब पांच बजे हुआ।
यवतमाल लौट रहे थे सभी लोग
पुलिस अधिकारी के अनुसार, टेंपो में सवार लोग यवतमाल के रहने वाले थे और एक फर्नीचर की दुकान पर काम करते थे। वे नवरात्रि के अवसर पर माहुर स्थित मंदिर में दर्शन करने के बाद अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान माहुर तहसील के केरोली घाट पर एक तीखे मोड़ से गुजरते समय वाहन हादसे का शिकार हो गया। पुलिस के अनुसार, टेंपो घाट से नीचे उतर रहा था। इसी दौरान सामने की दिशा से आ रहा एक वाहन कथित तौर पर तेज रफ्तार में सडक़ के गलत तरफ आ गया। उसकी तेज हेडलाइट की रोशनी से टेंपो चालक की आंखें चौंधिया गईं। टक्कर से बचने के लिए चालक ने वाहन को दूसरी ओर मोडऩे की कोशिश की। हालांकि, मोड़ पर मजबूत सुरक्षा दीवार या क्रैश बैरियर नहीं होने के कारण टेंपो अनियंत्रित हो गया और गहरी खाई में जा गिरा। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
पीछे बैठे तीन लोग टेंपो से बाहर गिरे
पुलिस के मुताबिक, टेंपो के पिछले खुले मालवाहक हिस्से में बैठे बाबाराव ज्ञानोबा टेकाम (60), राहुल सुधाकरराव ठाकरे (25) और प्रीतम रामराव प्रधान (38) वाहन के पलटने के दौरान बाहर गिर गए। राहुल ठाकरे और प्रीतम प्रधान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाबाराव टेकाम ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
चालक समेत तीन घायल, सभी की हालत स्थिर
हादसे में टेंपो चालक प्रतीक अरविंद अडकिने (26), दत्ता मनोहर मेश्राम (35) और यशवंत अरविंद पाटिल (25) को मामूली चोटें आई हैं। ये तीनों वाहन के केबिन में बैठे थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि घायलों की हालत स्थिर है। खाई में गिरे टेंपो और मृतकों के शवों को बाहर निकालने के लिए रस्सियों और क्रेन की मदद ली गई।



