शेयर मार्केट में मोटे मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों की ठगी, वेल्थ ट्रैकर संचालक विक्रम शाह हिरासत में
पांच जिलों के सैकड़ों निवेशकों के करोड़ों रुपये फंसने की आशंका, इंदौर से कोतवाली और साइबर पुलिस की टीम ने पकड़ा, पीड़ितों की थाने में जुटी भीड़
शेयर मार्केट में मोटे मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों की ठगी, वेल्थ ट्रैकर संचालक विक्रम शाह हिरासत में
पांच जिलों के सैकड़ों निवेशकों के करोड़ों रुपये फंसने की आशंका, इंदौर से कोतवाली और साइबर पुलिस की टीम ने पकड़ा, पीड़ितों की थाने में जुटी भीड़
धमतरी। शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर लोगों से करोड़ों रुपये की कथित ठगी करने का बड़ा मामला सामने आया है। कलेक्टरेट रोड स्थित वेल्थ ट्रैकर नाम से कार्यालय संचालित करने वाले विक्रम शाह को पुलिस ने हिरासत में लिया है। आरोपी पर धमतरी सहित कोंडागांव, रायपुर, बालोद समेत पांच जिलों के लोगों से शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये लेने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, विक्रम शाह लोगों को शेयर मार्केट में निवेश कर कम समय में अच्छा मुनाफा दिलाने का झांसा देता था। उसके भरोसे में आकर बड़ी संख्या में लोगों ने लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक निवेश किए। जब निवेशकों को अपेक्षित मुनाफा नहीं मिला और उनकी रकम वापस मिलने में परेशानी होने लगी, तब मामला पुलिस तक पहुंचा।
बताया जा रहा है कि विभिन्न जिलों के पीड़ितों ने पिछले दिनों पुलिस अधीक्षक के समक्ष आवेदन देकर शिकायत की थी। इस मामले में गुरुर थाना में एफआईआर भी दर्ज की गई है। शिकायतों के बाद पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी।
लगातार पतासाजी के दौरान विक्रम शाह का लोकेशन मध्यप्रदेश के इंदौर में मिला। इसके बाद धमतरी कोतवाली और साइबर पुलिस की संयुक्त टीम इंदौर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर धमतरी लाई।
किसी के 60 लाख तो किसी के 1 करोड़ रुपये फंसे
विक्रम शाह की हिरासत की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में पीड़ित कोतवाली थाना पहुंच गए। पीड़ितों की आपबीती सुनकर ठगी की रकम काफी बड़ी होने की आशंका जताई जा रही है। किसी निवेशक के 60 लाख रुपये, किसी के 80 लाख रुपये, किसी के 8 लाख रुपये तो किसी के एक करोड़ रुपये तक फंसे होने की बात सामने आई है।
पूछताछ में सामने आएगा ठगी का पूरा नेटवर्क
फिलहाल पुलिस विक्रम शाह से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसने कुल कितने लोगों से कितनी रकम निवेश के नाम पर ली, रकम कहां और किस उद्देश्य से इस्तेमाल की गई तथा इस कथित ठगी में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।
पांच जिलों तक फैले इस मामले में पीड़ितों की संख्या और कुल निवेश की वास्तविक राशि का खुलासा पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है।


