पीजी कॉलेज के एलएलबी के 6 प्राध्यापकों को कुरूद भेजने के आदेश से छात्रों में आक्रोश, महापौर से लगाई गुहार
240 विधि विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटकने की जताई आशंका, महापौर रामू रोहरा ने कलेक्टर और उच्च अधिकारियों से की चर्चा, दिया आश्वासन – धमतरी के प्राध्यापक कहीं नहीं जाएंगे

पीजी कॉलेज के एलएलबी के 6 प्राध्यापकों को कुरूद भेजने के आदेश से छात्रों में आक्रोश, महापौर से लगाई गुहार
240 विधि विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटकने की जताई आशंका, महापौर रामू रोहरा ने कलेक्टर और उच्च अधिकारियों से की चर्चा, दिया आश्वासन – धमतरी के प्राध्यापक कहीं नहीं जाएंगे
धमतरी। बी.सी.एस. शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धमतरी के विधि संकाय के छह सहायक प्राध्यापकों को कुरूद के नवीन विधि महाविद्यालय में संलग्न करने संबंधी आदेश की खबर सामने आते ही विद्यार्थियों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। इस फैसले से कॉलेज में अध्ययनरत 240 एलएलबी के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका को लेकर शुक्रवार को बड़ी संख्या में विद्यार्थी नगर निगम पहुंचे और महापौर रामू रोहरा से मुलाकात कर अपनी समस्या से अवगत कराया। महापौर ने विद्यार्थियों की बात गंभीरता से सुनते हुए आश्वस्त किया कि धमतरी कॉलेज के प्राध्यापक कहीं नहीं जाएंगे और विद्यार्थियों की पढ़ाई एवं आगामी परीक्षाओं पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ने दिया जाएगा।

दरअसल, कुरूद में नवीन बीए एलएलबी महाविद्यालय प्रारंभ करने का प्रस्ताव है, लेकिन अब तक वहां नियमित रूप से शैक्षणिक गतिविधियां शुरू नहीं हो पाई हैं। इसी बीच 29 अक्टूबर की रात एक आदेश वायरल हुआ, जिसमें कलेक्टर द्वारा बी.सी.एस. पीजी कॉलेज धमतरी के विधि संकाय के छह सहायक प्राध्यापकों सहित कुल 12 कर्मचारियों को नवीन विधि महाविद्यालय कुरूद में संलग्नीकरण करने का उल्लेख था। आदेश की जानकारी मिलते ही विद्यार्थियों के बीच चिंता और असमंजस की स्थिति निर्मित हो गई।
महापौर को सौंपे गए आवेदन में विद्यार्थियों ने बताया कि बी.सी.एस. पीजी कॉलेज धमतरी में वर्तमान में विधि संकाय के लगभग 240 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। दीपावली के तत्काल बाद महाविद्यालय में आंतरिक परीक्षाएं प्रस्तावित हैं तथा इसके ठीक बाद विश्वविद्यालयीन मुख्य परीक्षाएं आयोजित होनी हैं। ऐसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक समय में यदि विधि संकाय के सभी सहायक प्राध्यापकों को कुरूद भेज दिया जाता है, तो विद्यार्थियों का अध्यापन कार्य बुरी तरह प्रभावित होगा। इससे उनकी परीक्षा की तैयारी, शैक्षणिक गुणवत्ता और भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
विद्यार्थियों ने यह भी कहा कि कुरूद स्थित नवीन महाविद्यालय में अभी बीए एलएलबी पाठ्यक्रम पूरी तरह प्रारंभ नहीं हुआ है तथा वहां पहले से ही विधि विषय के एक सहायक प्राध्यापक कार्यरत हैं। ऐसे में धमतरी के स्थापित महाविद्यालय से सभी विधि प्राध्यापकों को अस्थायी रूप से हटाना छात्रहित में उचित नहीं है। उन्होंने महापौर से संलग्नीकरण संबंधी आदेश को तत्काल निरस्त करवाने की मांग की।
वायरल आदेश में विधि विभाग के सहायक प्राध्यापकों के रूप में गायत्री लहरे, दुर्गेश प्रसाद, पंकज जैन, कोमल यादव, सपना ताम्रकार एवं प्रेमनाथ भारती के नाम शामिल बताए गए हैं। इनके अलावा खेल अधिकारी, ग्रंथपाल, भृत्य सहित कुल 12 कर्मचारियों का उल्लेख भी आदेश में किया गया है।
महापौर ने तत्काल अधिकारियों से की चर्चा

विद्यार्थियों की समस्या सुनने के बाद महापौर रामू रोहरा ने तत्काल कलेक्टर, पीजी कॉलेज के प्राचार्य सहित रायपुर के संबंधित अधिकारियों से भी चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि आगामी परीक्षाओं को देखते हुए धमतरी के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। नया सेटअप तैयार होने के बाद ही आगे किसी प्रकार का विचार किया जाएगा। फिलहाल धमतरी कॉलेज के सभी सहायक प्राध्यापक यहीं रहेंगे और कहीं नहीं जाएंगे।
कोई भी स्टाफ कुरूद नहीं जा रहा है : प्राचार्य
इस पूरे मामले में पीजी कॉलेज धमतरी के प्राचार्य डॉ. वी.के. पाठक ने स्पष्ट किया कि महाविद्यालय का कोई भी स्टाफ कुरूद नहीं जा रहा है। उन्होंने बताया कि केवल एक टीम का गठन किया गया है। सभी सहायक प्राध्यापक धमतरी महाविद्यालय में ही रहेंगे।
इस दौरान विद्यार्थियों ने एकजुट होकर अपने शैक्षणिक हितों की रक्षा की मांग उठाई। आवेदन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से डागेश्वर साहू, चित्रेश साहू, हितेश ध्रुव, दुष्यंत वट्टी, प्रवीण साहू, चुनेश साहू, नीरज, उत्तम देवांगन, सैचल जसूजा, दिव्या, मानसी, लोकमाया, श्वेता सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



