वर्ल्ड फोटोग्राफी डे ,19 अगस्त यह दिन है खास जिन्होंने पहले फोटोग्राफी की, जानिए कहां से हुई थी इसकी शुरुआत

धमतरी — यशवंत गिरी गोस्वामी — हर साल 19 अगस्त को पूरी दुनिया में ‘वर्ल्ड फोटोग्राफी डे’ मनाया जाता है. यह दिन उन लोगों को समर्पित होता है, जिन्होंने कुछ खास पलों को तस्वीरों में कैद कर उन्हें हमेशा-हमेशा के लिए यादगार बना दिया. विश्व फोटोग्राफी दिवस उन सभी फोटोग्राफर्स को समर्पित है, जिन्होंने अपनी कला से दुनिया की खूबसूरती को कैमरा में कैद किया है. वैसे तो फोटो हर किसी के लिए खास होती है, क्योंकि ये उनके जीवन से जुड़े बीते पलों को वापस जीने का मौका देती है, लेकिन विश्व के इतिहास में भी फोटो की अहमियत को समझना भी जरूरी है. क्योंकि तस्वीरों के जरिये ही वर्तमान में ये जाना जाता रहा है कि इतिहास के पन्नों में क्या दर्ज है।
182 साल पहले ली गई थी दुनिया की पहली ‘सेल्फी’
सेल्फी का क्रेज आजकल लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है. ऐसा शायद ही कोई हो जो अपने स्मार्टफोन से कभी सेल्फी ना ले. सेल्फी के क्रेज का इस तरह से भी अंदाजा लगाया जा सकता है कि आज ज्यादातर फोन में स्पेशली सेल्फी कैमरा डिजाइन किया जा रहा है और ‘सेल्फी फोन’ की मार्केट में खूब पूछ है, लेकिन क्या आपको पता है आज से 184 साल पहले यानी वर्ष 1839 में अमेरिका के रॉबर्ट कॉर्नेलियस ने दुनिया की पहली ‘सेल्फी’ क्लिक की थी. हालांकि उस समय, सेल्फी क्या होती है, यह कोई जानता भी नहीं था।
विश्व फोटोग्राफी डे का इतिहास
‘वर्ल्ड फोटोग्राफी डे’ (World Photography Day) का इतिहास 1837 से जुड़ा है. जब फ्रांसीसी जोसेफ नाइसफोर और लुइस डॉगेर ने ‘डॉगोरोटाइप’ का आविष्कार किया था. यह दुनिया की पहली फोटोग्राफी प्रक्रिया थी. 19 अगस्त, 1839 को फ्रांस सरकार ने ‘डॉगोरोटाइप’ आविष्कार की घोषणा की थी और इसका पेटेंट भी प्राप्त किया था. इसी दिन की याद में ‘वर्ल्ड फोटोग्राफी डे’ (World Photography Day) यानी ‘विश्व फोटोग्राफी डे’ मनाया जाता है. पहली रंगीन तस्वीर 1861 में ली गई थी और पहली डिजिटल तस्वीर 1957 में बनाई गई थी. डिजिटल कैमरे का आविष्कार दो दशक बाद हुआ था. आधिकारिक तौर पर इस दिन की शुरुआत 2010 में हुई थी।




