लॉ यूनिवर्सिटी में छात्रा के सुसाइड को लेकर अभाविप ने घेरा एसपी कार्यालय

रायपुर। अभाविप के केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य शुभम जायसवाल ने बताया कि हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की छात्रा द्वारा किए गए आत्महत्या के संबंध में उच्च स्तरीय जांच के संबंध में आज अभाविप रायपुर महानगर ने पुलिस अधीक्षक के नाम का ज्ञापन सौपा है। हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के छात्रावास में दिनांक-24/08/23 को एक छात्रा का शव मिला था और शव के पास मिले पदार्थ के अनुसार ऐसा माना जा रहा हैं कि छात्रा द्वारा कीटनाशक/ जहर जैसे पदार्थों का सेवन किया गया और खुद को बाथरूम में बंद कर लिया गया जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना से सभी छात्र छात्रा बहुत दुखी हैं और सहमे हुए हैं। राष्ट्रीय संस्थान में घटित ऐसी घटना से छात्र समुदाय आक्रोषित है।

शुभम जायसवाल ने बताया कि नेशनल लॉ युनिवर्सिटी में पिछले कई वर्षो से लगातार छात्रों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की घटना सामने आई हैं। प्रॉक्टोरियल बोर्ड के नाम पर छात्रों से हजारों रु का फाइन लगाना और उनके कैरियर को खत्म एवम बर्बाद करने की धमकी भी छात्रों को लगातार दी गई थी। जिस छात्रा की मौत हुई है इस छात्रा के ऊपर भी प्रॉक्टोरियल बोर्ड बैठा कर फाइन लिया गया था और मेघावी छात्रा होने के बाद भी उसका एक भी कंपनी में सिलेक्शन न होना यह दर्शाता है की उसको कही न कही परेशान किया गया था।
जायसवाल ने आगे बताया कि ये घटना होने के बाद एक पूर्व छात्र ने ई मेल के माध्यम से बताया कि कैसे छात्रों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था और कैसे वह छात्र भी एक समय में सुसाइड करने के स्थिति में आ गया था, इस मेल की प्रति भी संलग्न किया। साथ ही पिछले वर्ष युनिवर्सिटी के प्रॉक्टर द्वारा किस प्रकार छात्रों के कैरियर को बर्बाद करने और फर्जी FIR करने की धमकी दी गई थी वो भी ज्ञापन के में संलग्न कर दिया है।
अभाविप ने मांग की है कि छात्रा द्वारा किए गए आत्महत्या और विभिन्न गवाह को देखते हुए इस घटना में पूर्व जज की अध्यक्षता में वरिष्ठ वकीलों की टीम गठित की जाए और उसमे उच्च स्तरीय जांच कि जाए ताकि दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो सके।
इससे पूर्व बड़ी संख्या में अभाविप कार्यकर्त्ता घड़ी चौक बस स्टॉप में एकत्रित हुए और वहा से रैली के माध्यम से कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे।
पूर्व छात्र द्वारा लिखित मेल को भी सौंपा गया
सुसाइड के बाद एक पूर्व छात्र ने ई मेल के माध्यम से बताया कि कैसे यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों को प्रताड़ित किया, जिस वजह से वो छात्र भी सुसाइड करने का सोच ली थी।



