फसलों में उर्वरकों का संतुलित उपयोग से ही गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थों का उत्पादन संभव

ज़िला सहकारी संघ धमतरी के द्वारा जिले के लैंप्स/पैक्स समितियों के प्राधिकारियों एवम प्रबंधकों का क्षमता विकाश एवम नेतृत्व विकास पर प्रशिक्षण आयोजित किया जिसमे उन्नत खेती की जानकारी, दस्तावेजीकरण एवम प्रबंधन, लेखा संधारण एवम नेतृत्व विकास विषय पर जानकारी दिया गया
धमतरी – नीलामी परिसर वन परिक्षेत्र धमतरी के प्रांगण मे आयोजित इस कार्यक्रम में अध्यक्षता रघुनंदन साहू पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत धमतरी, विशिष्ट अतिथि परिणीता साहू संचालक छ ग राज्य सहकारी संघ रायपुर, शमा फारूकी प्रबंध संचालक जिला वनोपज यूनियन, ईश्वर सिंह वरिष्ट वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र, जिला सहकारी संघ धमतरी के अध्यक्ष टेमन लाल साहू तथा जिला संघ संचालक गण नंद कुमार साहू, प्रेमलाल साहू, बिसहत राम साहू, जनक राम साहू, बसंत साहू प्राधिकारी की गरिमामयी उपस्थिति में प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। संघ अध्यक्ष टेमन लाल साहू ने जिला सहकारी संघ के उद्देश्य, प्रशिक्षण का उद्देश्य एवं महत्व के बारे में संक्षिप्त में जानकारी दिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रघुनंदन साहू ने अपने उदबोधन में कहा की सहकारिता आंदोलन में समस्त वर्गों के आर्थिक उत्थान हेतु कार्य किया जाता है नवीन तकनीक के माध्यम से अधिक से अधिक उन्नति हेतु प्रशिक्षण प्राप्त कर इसका अनुप्रयोग करेंगे यही आशा एवं विश्वास है। जिला सहकारी संघ पूरे जिले में सहकारी सदस्यों एवं कर्मचारियों को शिक्षित प्रशिक्षित करने में निरंतर प्रयासरत है जिसका लाभ पूरे जिले को प्राप्त हो रहा है। परिणीता साहू संचालक राज्य सहकारी संघ ने कहा कि किसानों के हित एवं सुविधा उपलब्ध कराने हेतु पैक्स अति महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। सहकारी संस्था ही एक ऐसी संस्था है जिसमें विभिन्न विचारधारा वाले व्यक्तियों द्वारा मिलजुल कर कार्य किया जाता है। देश के प्रधानमंत्री की मंशा है कि पूरे देश में 2 लाख नवीन पैक्स सृजित किया जाए। पैक्स के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर पेट्रोल पंप का भी संचालन किया जावे इस हेतु प्रयास किया जा रहा है।
विषय विशेषज्ञ ईश्वर सिंह वरिष्ट वैज्ञानिक ने कृषि विज्ञान केंद्र की कार्य शैली के बारे में अवगत कराया उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र में हाईटेक वैज्ञानिकों की टीम है जो खेती एवं खेती बाड़ी से जुड़े विषयों पर सतत प्रशिक्षण प्रदान करती है साथ ही स्थानीय स्तर की जरूरत पर अनुसंधान भी करती है इसके अलावा महिलाओं और बच्चों हेतु रोजगार मूलक कार्यों के लिए भी प्रशिक्षण प्रदान करती है एवं उनका सहयोग देती रहती है। जिलों की वातावरण को ध्यान में रखते हुए केंद्र ने धान, अमरुद टमाटर बैगन आदि के बीज विकसित किए हैं उनमें से हैं छत्तीसगढ़ देवभोग, छत्तीसगढ़ 1919, दुबराज आदि। डॉक्टर शक्ति वर्मा कीट एवं बीमारी विशेषज्ञ ने बताया की जिले के कृषकों को उर्वरकों का उपयोग का पूर्वक अनुभव है परंतु इस हेतु भी जागरूकता लाने की आवश्यकता है। टारगेट प्रोडक्शन के चलते प्रगतिशील कृषक जरूरत से अधिक यूरिया, डीएपी का इस्तेमाल कर रहे हैं जिससे जमीन की अम्लीयता दिन- प्रतिदिन बढ़ती जा रही है इससे नित नए कीट एवं बीमारियां उत्पन्न हो रही है। उन्होंने बताया कि अधिक खाद एवं दवाइयां के प्रयोग से धान की फसल को चौपट करने वाला मकड़ी एवं लाल कीड़ा पौधों की जड़ों को समाप्त कर रहे हैं जिससे पौधों का विकास रुक रहा है उनके इलाज हेतु उन्होंने महत्वपूर्ण तकनीक एवं दवाइयां की जानकारी दिए। साथ ही काई, भूरा माहू, तना छेदक, केमिकल माइट आदि के निवारण के बारे में जानकारी दिए। अगले वक्ता प्रेमलाल साहू कृषि वैज्ञानिक ने प्राकृतिक खेती करने की आवश्यकता एवम तकनीक के बारे में अवगत कराया। उन्होंने बताया की जीवामृत किस प्रकार तैयार करके एवं उसका प्रयोग कर विष मुक्त खेती किया जा सकता है एवं मिट्टी की अमलियता कम किया जा सकता है। अगले वक्ता अमित कुमार सिंह ने नवीन कृषि यंत्रों का प्रयोग करके कृषि कार्य को कैसे सरल किया जा सकता है इस हेतु उपकरणों के बारे में जानकारी दिए। छ. ग. राज्य सहकारी संघ के प्रशिक्षक राजेश कुमार साहू ने सहकारिता मॉडल एवम सुरेश पटेल ने दस्तावेजीकरण, लेखांकन बिल वाउचर तैयार करना कैश बुक तैयार करना आदि के संबंध में जानकारी दिए। प्रशिक्षण में प्रशिक्षार्थियों के प्रश्नों का समाधान भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में मंचाशीन अतिथियों को शाल श्रीफल से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला संघ प्रबंधक ए पी गुप्ता ने एवम आभार प्रदर्शन नंद कुमार साहू संचालक ने किया। प्रशिक्षण में जिले के पैक्स के प्राधिकारी एवं समिति प्रबंधक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।




