छत्तीसगढ़

साधना, संस्कार और सिद्धियों का शाश्वत सत्य रूप है नवकार मंत्र – विश्व नवकार मंत्र दिवस पर गूंजा विश्व बंधुत्व का संदेश


धमतरी। विश्व नवकार मंत्र दिवस के अवसर पर देश ही नहीं बल्कि विश्वभर में जैन धर्म के अनुयायियों एवं मानवता, अहिंसा और विश्व बंधुत्व के मार्ग पर चलने वाले लोगों ने एक स्वर में नवकार मंत्र का जाप कर शांति, सद्भाव और मानव कल्याण का संदेश दिया। इस अवसर पर शहर के धर्मप्रेमी समाजसेवी पं. राजेश शर्मा ने कहा कि नवकार मंत्र केवल एक धार्मिक मंत्र नहीं, बल्कि साधना, संस्कार और सिद्धियों का शाश्वत सत्य स्वरूप है, जो संपूर्ण मानव जाति को एक सूत्र में बांधने की अद्भुत शक्ति रखता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब विश्व अनेक प्रकार के संकटों और संघर्षों से गुजर रहा है, ऐसे में नवकार मंत्र का संदेश और भी अधिक प्रासंगिक हो जाता है। यह मंत्र सत्य, अहिंसा और आत्मशुद्धि के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है, जिससे व्यक्ति के साथ-साथ समाज और राष्ट्र का भी उत्थान संभव है।
पं. शर्मा ने आगे कहा कि जैन समाज सदैव से विश्व बंधुत्व, प्रेम, करुणा और आपसी सौहार्द का संदेश देता आया है। नवकार मंत्र के जाप से मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जो न केवल व्यक्तिगत जीवन में शांति लाता है बल्कि सामाजिक समरसता को भी मजबूत करता है। उन्होंने इसे एक ऐसा आध्यात्मिक सूत्र बताया, जो हर वर्ग, हर धर्म और हर विचारधारा के लोगों को जोड़ने का कार्य करता है।
इस अवसर पर उन्होंने सभी धर्मों और समुदायों के लोगों से आह्वान किया कि वे नवकार मंत्र के संदेश को आत्मसात करते हुए विश्व शांति, एकता और मानव कल्याण के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपराएं, आध्यात्मिक धरोहर और विविधता में एकता की भावना ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है, और नवकार मंत्र इन मूल्यों को और अधिक सुदृढ़ करने का कार्य करता है।
विश्व नवकार मंत्र दिवस पर धमतरी सहित विभिन्न स्थानों पर सामूहिक जाप, प्रार्थना और आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना की। यह दिन न केवल जैन समाज बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए एक प्रेरणा का प्रतीक बनकर उभरा।

Author Desk

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