छत्तीसगढ़

निगम अधिकारी के खिलाफ जनप्रतिनिधियों ने खोला मोर्चा, कलेक्टर से की शिकायत


धमतरी। नगर निगम में पदस्थ एक अधिकारी के खिलाफ जनप्रतिनिधियों ने मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि उक्त अधिकारी की कार्यशैली के कारण शहर के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और जनप्रतिनिधियों की बातों को भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। इसी को लेकर पार्षदों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर से मुलाकात कर लिखित शिकायत सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की है।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि नगर निगम का मुख्य उद्देश्य शहर के वार्डों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना और विकास कार्यों को गति देना है, लेकिन संबंधित अधिकारी के रवैये के कारण कई योजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्डों में सड़कों, नालियों, सफाई व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों में लगातार देरी हो रही है, जिससे आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पार्षदों का कहना है कि वे लगातार अपने-अपने वार्डों की समस्याओं को लेकर निगम कार्यालय पहुंचते हैं और अधिकारियों से चर्चा करते हैं, लेकिन उनकी बातों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता। कई बार फाइलें लंबे समय तक लंबित रहती हैं, जिससे विकास कार्य प्रभावित होते हैं। उनका यह भी आरोप है कि अधिकारी का व्यवहार जनप्रतिनिधियों के प्रति सहयोगात्मक नहीं है।
इस पूरे मामले को लेकर जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर से मुलाकात कर स्थिति से अवगत कराया और नगर निगम में प्रशासनिक व्यवस्था को सुधारने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि शहर के विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आगे और बड़ा आंदोलन किया जा सकता है।
जनप्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई है कि कलेक्टर इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराएंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे, ताकि नगर निगम में विकास कार्यों की गति तेज हो सके और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

Author Desk

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