पेयजल योजना में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई: धमतरी नगर निगम के ईई महेंद्र जगत निलंबित

डिप्टी सीएम अरुण साव की समीक्षा बैठक में फूटा गुस्सा, ठेकेदार पर भी पेनाल्टी के निर्देश
रायपुर(प्रखर) प्रदेश में पेयजल व्यवस्था को लेकर सरकार अब सख्त रुख अपनाते हुए नजर आ रही है। नगर प्रशासन एवं विकास मंत्री तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने नगर निगमों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान धमतरी नगर निगम में पेयजल योजना के कार्य में हो रही लेटलतीफी को लेकर उपमुख्यमंत्री ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने तत्काल प्रभाव से नगर निगम के कार्यपालन अभियंता (ईई) महेंद्र जगत को निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही योजना में देरी के लिए जिम्मेदार ठेकेदार पर भी पेनाल्टी लगाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि अगले वर्ष तक प्रदेश के सभी नगर निगम क्षेत्रों में पेयजल से संबंधित समस्याओं का शत-प्रतिशत निराकरण होना चाहिए। यदि भविष्य में किसी भी नगर निगम क्षेत्र में पेयजल संकट की शिकायत सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अधिकारी पेयजल संकट के स्थायी समाधान पर काम करें, न कि अस्थायी उपायों से काम चलाएं। उन्होंने सभी निगम आयुक्तों और जल विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्वयं फील्ड में उतरकर जमीनी स्थिति का निरीक्षण करें और समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर योजनाओं को पूरा करें।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकार की प्राथमिकता है कि शहरों में लोगों को नियमित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो।
सरकार के इस सख्त रुख से साफ संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में पेयजल योजनाओं की मॉनिटरिंग और भी कड़ी होगी तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और एजेंसियों पर सीधी कार्रवाई की जाएगी।



