दिल्ली के लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में भीषण आग, 10 लोगों की मौत; 38 घायल, राहत-बचाव अभियान जारी

दिल्ली के लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में भीषण आग, 10 लोगों की मौत; 38 घायल, राहत-बचाव अभियान जारी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौजरानी इलाके में बुधवार सुबह एक रेस्टोरेंट में भीषण आग लगने से हडक़ंप मच गया। आग की चपेट में आने से 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 38 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 10 गाडिय़ां मौके पर पहुंचीं और कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है।
रेस्टोरेंट के भीतर मौजूद लोगों में भगदड़ की स्थिति बन गई और कई लोग धुएं तथा आग की चपेट में आ गए। दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार सुबह करीब 8 बजकर 50 मिनट पर आग लगने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 10 गाडिय़ों को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुंची टीमों ने आग बुझाने के साथ-साथ अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आग रेस्टोरेंट के बेसमेंट से शुरू हुई और देखते ही देखते पूरे परिसर में फैल गई। आग और धुएं के कारण कई लोग अंदर फंस गए थे। दमकल कर्मियों ने साहसिक अभियान चलाते हुए कम से कम 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 38 अन्य घायल हुए हैं।
घायलों को तत्काल एम्बुलेंस की सहायता से नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया। अधिकांश घायलों को मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों की टीम घायलों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घायलों की स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही साझा की जाएगी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। नेहरू प्लेस फायर स्टेशन के डिविजनल ऑफिसर रविंदर स्वयं राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है, लेकिन एहतियात के तौर पर पूरे भवन की जांच की जा रही है।
दमकल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या बेसमेंट में मौजूद ज्वलनशील सामग्री को संभावित कारण माना जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी। फिलहाल फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें बिल्डिंग के भीतर तलाशी अभियान चला रही हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई व्यक्ति अंदर फंसा न रह गया हो। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस हादसे ने एक बार फिर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों और आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।
डीडीएमए साउथ डिस्ट्रिक्ट के एसडीएम जितेंद्र कुमार ने मीडिया को बताया, जैसे ही मुझे सुबह सूचना मिली, हमने अपने सेल को सक्रिय किया और वहां से सभी बलों को सूचित करके यहां के लिए रवाना किया गया। इस इमारत के नीचे कोई होटल चलाया जा रहा था. अभी कारणों का पता नहीं चला है लेकिन उस होटल के कारण ही आग लगी है।
नकली लाइसेंस पर चल रहा था होटल
पुलिस अधिकारी ने मीडिया से कहा कि ऐसे हादसे दोबारा न हों इसलिए सख्त कार्रवाई करनी आवश्यक है। यह होटल किसी और लाइसेंस के आधार पर चलाया जा रहा था। समय में बीएसईएस ने बिजली की सप्लाई बंद कर दी जिस वजह से आग नियंत्रण में आ सकी। एसडीएम ने जानकारी दी कि बिल्डिंग में आग फैलने के बाद बाहर आने के रास्ते नहीं बचे थे। स्थानीय लोगों ने बिल्डिंग के आगे जमीन पर गद्दे लगा दिए थे। इसके बाद लोग बालकनी और खिडक़ी आदि से नीचे कूदे थे। एमसीडी से जानकारी मांगी गई है कि ऐसे कितने होटल और रेस्टोरेंट को रिहायशी इलाके में संचालन का लाइसेंस दिया गया है। सभी की एक रूटीन जांच की जाएगी।



