ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारी, 2 करोड़ लोगों के जुटने का अनुमान

ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारी, 2 करोड़ लोगों के जुटने का अनुमान
तेहरान। ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियां तेज हो गई हैं। ईरानी सरकार ने तीन दिवसीय राजकीय अंत्येष्टि कार्यक्रम की घोषणा की है, जिसके तहत तेहरान, कौम और मशहद में विशाल शोक जुलूस निकाले जाएंगे। अधिकारियों का अनुमान है कि कार्यक्रम में करीब दो करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं।
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक राजधानी तेहरान में मुख्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम 24 घंटे से अधिक समय तक चल सकता है। प्रशासन का अनुमान है कि केवल तेहरान में ही लाखों से लेकर करोड़ों लोगों की भीड़ उमड़ सकती है। संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, फरवरी 2026 में अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए सैन्य हमलों के दौरान अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु हुई थी। हालांकि इस घटना को लेकर शुरुआती दिनों में कई तरह की अटकलें और विरोधाभासी दावे सामने आए थे। बाद में ईरानी प्रशासन ने राजकीय शोक की घोषणा की और अंतिम संस्कार कार्यक्रम को स्थगित कर दिया था।
इस्लामिक परंपरा में आमतौर पर मृतक को जल्द दफनाया जाता है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि भारी जनसमूह और सुरक्षा कारणों से अंतिम संस्कार को तत्काल आयोजित नहीं किया जा सका। अब ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि जून के तीसरे सप्ताह में अंतिम संस्कार कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता है। हालांकि अंतिम तारीख की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
उधर, ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हाल ही में कहा कि मोज्तबा खामेनेई जीवित हैं और पहले की तुलना में अधिक सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने अमेरिकी सीनेट की एक समिति को संबोधित करते हुए दावा किया कि उनके पास ऐसे संकेत हैं, जिनसे पता चलता है कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता देश के महत्वपूर्ण निर्णयों में लगातार सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि यह ईरान की राजनीति और नेतृत्व परिवर्तन के दौर में एक महत्वपूर्ण प्रतीकात्मक घटना भी साबित हो सकता है। पूरी दुनिया की नजरें अब इस ऐतिहासिक अंत्येष्टि कार्यक्रम और ईरान के नए नेतृत्व की आगे की रणनीति पर टिकी हुई हैं।


