छत्तीसगढ़

ग्राम गोंडखपरी के गोल्डन जुबली कार्यक्रम में आने हेतु राज्यपाल ने दी सहमति


बलौदाबाजार। जिला बलौदाबाजार के आदिवासी बाहुल्य ग्राम गोंडखपरी में ग्रामवासियों के श्रमदान से निर्मित सिंचाई परियोजना के 50 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित होने वाले गोल्डन जुबली कार्यक्रम में शामिल होने हेतु राज्यपाल रमेन डेका ने आतिथ्य स्वीकार कर लिया है।
गोंडवाना गोंड महासभा के राष्ट्रीय सचिव एवं अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ के प्रदेश अध्यक्ष आर.एन. ध्रुव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन रायपुर में राज्यपाल से सौजन्य भेंट कर उन्हें कार्यक्रम का आमंत्रण दिया। प्रतिनिधिमंडल में एस.पी. ध्रुव, रामनरेश ध्रुव एवं रामायण ध्रुव सहित अन्य सामाजिक प्रतिनिधि शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को बताया कि लगभग 50 वर्ष पूर्व गांव के पूर्वजों ने गरीबी, भुखमरी और पलायन जैसी समस्याओं से निपटने के लिए श्रमदान एवं भूमि दान के माध्यम से लगभग एक किलोमीटर लंबी सिंचाई परियोजना का निर्माण किया था। इसके अलावा स्कूल, महामाया भवन, सामाजिक मनोरंजन भवन, महिला मंडल भवन तथा तालाब निर्माण में भी ग्रामीणों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। गांव में पर्यावरण संरक्षण और सामूहिक विवाह जैसे सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम लगातार संचालित किए जा रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को गांव की एकता, स्वावलंबन और सामाजिक विकास की इस अनूठी मिसाल से अवगत कराते हुए गोल्डन जुबली समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आग्रह किया। राज्यपाल ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए गर्मी समाप्त होने के बाद निकट भविष्य में गोंडखपरी आने की सहमति प्रदान की।
ग्रामीणों ने राज्यपाल की सहमति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उनके आगमन से गांव के विकास और सामाजिक एकता के प्रयासों को नई पहचान मिलेगी।

Author Desk

Related Articles

Back to top button