छत्तीसगढ़

बीएसपी स्क्रैप चोरी मामला: जीएम और एजीएम गिरफ्तार, छह महीने से चल रही थी संगठित चोरी की जांच में बड़ा खुलासा

बीएसपी स्क्रैप चोरी मामला: जीएम और एजीएम गिरफ्तार, छह महीने से चल रही थी संगठित चोरी की जांच में बड़ा खुलासा

दुर्ग। भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से संगठित तरीके से लौह स्क्रैप चोरी के मामले में जांच अब संयंत्र के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच गई है। पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आईएमएस-3 के महाप्रबंधक (जीएम) हिमांशु भूषण मलिक (54) और सहायक महाप्रबंधक (एजीएम) मनोज कुमार देवांगन (58) को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, मामले की जांच में सामने आया है कि अधिकारियों की कथित मिलीभगत से पिछले लगभग छह माह से बीएसपी का लौह स्क्रैप सुनियोजित तरीके से चोरी कर बाहर बेचा जा रहा था। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी फ्लू डस्ट के परिवहन की आड़ में बीएसपी से लौह स्क्रैप निकालकर बाहरी बाजार में खपाते थे। मामले का खुलासा 26 मई 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के बाद हुआ, जब पुलिस ने ग्राम अकलोरडीह खदानपारा स्थित *ए.के. ट्रेडर्स* के प्लॉट क्रमांक-18, एचआईए हथखोज में छापेमारी की।

छापे के दौरान हाईवा और ट्रकों में फ्लू डस्ट के साथ लोहे की प्लेट, बीम और कटिंग सामग्री बरामद हुई। गोदाम में भी बड़ी मात्रा में लौह स्क्रैप रखा मिला। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पिछले छह महीने से इसी तरीके से चोरी को अंजाम दे रहे थे।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लगभग 250 टन लौह स्क्रैप जब्त किया। इसके अलावा स्क्रैप लोडिंग में इस्तेमाल किए जा रहे हाईवा, ट्रक, जेसीबी, हाईड्रा सहित पांच मशीनों को भी जब्त किया गया।

इस मामले में मुख्य आरोपी संजय सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसकी करीब 3.50 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति भी जब्त कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

Author Desk

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