भगवान शिव पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी से रायपुर में बवाल, छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम अध्यक्ष अरुण पन्नालाल गिरफ्तार

रायपुर। सनातन धर्म के आराध्य भगवान शिव पर सोशल मीडिया पर की गई बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले ने राजधानी रायपुर में तूल पकड़ लिया है। मामले में सिविल लाइन पुलिस ने छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष अरुण पन्नालाल को गिरफ्तार किया है। सोशल मीडिया पर सामने आई टिप्पणी को लेकर हिंदू संगठनों और भाजपा नेताओं में नाराजगी के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, विवाद की शुरुआत फेसबुक पर हंसराज गोयल नाम के व्यक्ति की कथित पोस्ट से हुई थी, जिसके बाद अरुण पन्नालाल की सोशल मीडिया आईडी से भी कथित अमर्यादित टिप्पणी किए जाने का आरोप सामने आया।
यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया है, जब सावन का पवित्र महीना चल रहा है और प्रदेशभर के शिवालयों में श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर भगवान शिव और शिवलिंग को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी सामने आने के बाद धार्मिक संगठनों में आक्रोश फैल गया।
भाजपा ने थाने पहुंचकर दर्ज कराई शिकायत
मामले को लेकर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी और भाजपा विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक बृजेश पांडेय के नेतृत्व में भाजपा प्रतिनिधिमंडल सिविल लाइन थाने पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने थाना प्रभारी को शिकायत पत्र सौंपते हुए सोशल मीडिया पर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। भाजपा नेताओं का आरोप है कि फेसबुक पर भगवान शंकर के शिवलिंग को लेकर अशोभनीय टिप्पणी की गई। इसके बाद अरुण पन्नालाल की ओर से भी कथित तौर पर उस पोस्ट पर आपत्तिजनक रिप्लाई किया गया। भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस से दोनों मामलों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने शिकायत के बाद कहा कि वर्तमान में सावन का पवित्र महीना चल रहा है। ऐसे समय में भगवान शिव को लेकर की गई टिप्पणी से श्रद्धालुओं और सनातन समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि टिप्पणी ऐसी थी, जिसे सार्वजनिक रूप से दोहराना भी उचित नहीं है। इसी वजह से भाजपा प्रतिनिधिमंडल रात में भी थाने पहुंचा और पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
बजरंग दल ने किया घर का घेराव
मामला सामने आने के बाद शुक्रवार रात बजरंग दल के कार्यकर्ता अरुण पन्नालाल के घर के बाहर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने आपत्तिजनक टिप्पणी के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने उनके घर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई। हिंदू संगठनों का कहना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े देवी-देवताओं के संबंध में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। संगठनों ने पुलिस से मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
हंसराज गोयल की भी तलाश
मामले में सोशल मीडिया पर मूल पोस्ट करने वाले बताए जा रहे हंसराज गोयल का नाम भी सामने आया है। उपलब्ध पुलिस संबंधी रिपोर्टों के अनुसार उनकी तलाश की जा रही है। वहीं अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस अब सोशल मीडिया पोस्ट, कमेंट और उससे जुड़े अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष पर धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने का लगाया आरोप
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने शिकायत में आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं तथा विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा होने की आशंका है। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस से धार्मिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। भाजपा नेताओं ने कहा कि सोशल मीडिया अभिव्यक्ति का माध्यम जरूर है, लेकिन धार्मिक आस्था और देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल सामाजिक सौहार्द के लिए गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है। ऐसे मामलों में पुलिस को तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए।



