पेपर का रखवाला ही निकला लीक का मास्टरमाइंड, आईजीकेवी केस में 36 घंटे में प्रोफेसर सहित 6 गिरफ्तार

मुख्य आरोपी एवं मास्टरमाइंड है भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग का प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया
पेपर क्रय करने वाले सभी आरोपी है भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग के छात्र
रायपुर (प्रखर)। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष द्वितीय सेमेस्टर की कीटशास्त्र परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक करने के मामले में रायपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी प्रोफेसर समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 हजार रुपये नकद, छह मोबाइल फोन सहित प्रश्न पत्र लीक करने में इस्तेमाल किए गए उपकरण और अन्य सामग्री बरामद की है। मामले में दो अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, 20 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले 28 कृषि महाविद्यालयों में एजीसीएच-221 (कीटशास्त्र) की परीक्षा आयोजित होनी थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही सुबह करीब 8.41 बजे प्रश्न पत्र लीक होने की सूचना सामने आई। कवर्धा कृषि महाविद्यालय सहित संबंधित अधिकारियों को ई-मेल के माध्यम से जानकारी मिली। वहीं छात्रों और छात्र प्रतिनिधियों ने व्हाट्सऐप पर प्रश्न पत्र के कुछ कंटेंट वायरल होने की जानकारी विश्वविद्यालय को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना तेलीबांधा में अज्ञात आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2008 की धाराओं 4, 5 और 10 तथा धारा 316 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया।
100 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम ने शुरू की जांच
प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा पुलिस समेत 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम गठित की गई। टीम ने परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ के साथ सोशल मीडिया पर वायरल प्रश्न पत्र, स्क्रीनशॉट, फोटो, मैसेज और पोस्ट का तकनीकी विश्लेषण किया। साइबर टीम ने यह पता लगाने का प्रयास किया कि प्रश्न पत्र सबसे पहले किस अकाउंट, मोबाइल नंबर या डिजिटल माध्यम से प्रसारित हुआ। वायरल सामग्री की टाइमलाइन, डिजिटल संपर्कों और संदिग्धों की गतिविधियों का तकनीकी विश्लेषण करते हुए पुलिस प्रश्न पत्र लीक के स्रोत तक पहुंची।
प्रोफेसर ने लिफाफे में छेद कर बनाया वीडियो
जांच में सामने आया कि मामले का मुख्य आरोपी योगेश सोनकेसरिया भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग में वर्ष 2019 से प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है। पिछले करीब एक वर्ष से वह अपने कॉलेज की उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और आगामी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र प्राप्त कर उन्हें कॉलेज तक ले जाने का काम कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, 17 अगस्त को योगेश उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय रायपुर पहुंचा था। वहां से उसने आगामी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र प्राप्त किए। कॉलेज लौटने के बाद उसने सभी प्रश्न पत्रों के लिफाफे कॉलेज में रख दिए, लेकिन 20 अगस्त को होने वाली कीटशास्त्र परीक्षा का प्रश्न पत्र वाला लिफाफा अपने घर ले गया। आरोप है कि घर पर उसने सुई और नुकीले उपकरण की मदद से लिफाफे में छोटा छेद किया और मोबाइल कैमरे को अंदर डालकर प्रश्न पत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली। इसके बाद प्रश्न पत्र की सामग्री की नकल तैयार कर उसने अपने कॉलेज के छात्र अजय नायक और दो अन्य छात्रों को कुल 11 हजार रुपये में बेच दिया।
छात्रों के बीच आगे बढ़ता गया प्रश्न पत्र
पुलिस के अनुसार, अजय नायक ने कथित तौर पर प्रश्न पत्र त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू को उपलब्ध कराया। साइबर और मैदानी जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की और अलग-अलग टीमों को दुर्ग, कबीरधाम, रायपुर, बिलासपुर सहित अन्य जिलों में भेजा। लगातार 36 घंटे की कार्रवाई के बाद पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया के अलावा अजय नायक, त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 हजार रुपये नकद, छह मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस, केबल तार, मोबाइल कनेक्टर, सुई, सुजा, कॉपी और फेविकोल जब्त किया है। पुलिस ने बताया कि मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर प्रश्न पत्र लीक मामले में शामिल अन्य लोगों और उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। परीक्षा से पहले ही प्रश्न पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दिया है। अब जांच का फोकस फरार आरोपियों और पेपर लीक के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने पर है।



