ब्लू वाटर की होगी घेराबंदी, डूबे आदिल का शव अब तक नहीं मिला, चौथे दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी

रायपुर (प्रखर)। राजधानी रायपुर से लगे ब्लू वाटर में बुधवार शाम दोस्तों के साथ पहुंचे युवक आदिल के डूबने के बाद शनिवार सुबह तक उसका शव बरामद नहीं हो सका है। गुरुवार और शुक्रवार को किए गए सर्च ऑपरेशन में सफलता नहीं मिलने के बाद शनिवार को एक बार फिर एसडीआरएफ की टीम ने तलाश अभियान शुरू किया। मौके पर एनडीआरएफ की टीम भी मौजूद है और संयुक्त रूप से युवक की तलाश की जा रही है। वहीँ दूसरी ओर राजस्व मंत्री ने ब्लू वाटर के घेराबंदी करने अर्थात फेंसिंग लगाने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार, आदिल बुधवार शाम अपने दोस्तों के साथ ब्लू वाटर घूमने पहुंचा था। इसी दौरान दोस्तों के बीच पानी में तैरने को लेकर शर्त लग गई। शर्त के बाद आदिल पानी में उतर गया और तैरते हुए गहरे हिस्से की ओर चला गया। कुछ देर बाद वह वापस बाहर नहीं आ सका। दोस्तों ने घटना की जानकारी आसपास के लोगों और पुलिस को दी, जिसके बाद तत्काल राहत एवं बचाव दल को मौके पर बुलाया गया।
युवक के डूबने की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और सर्च ऑपरेशन शुरू किया। टीमों ने पानी के भीतर और आसपास के हिस्सों में लगातार तलाश की, लेकिन अभी तक आदिल का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। बताया जा रहा है कि ब्लू वाटर की गहराई अधिक होने के कारण रेस्क्यू टीम को तलाशी अभियान में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
तीसरे दिन भी जारी रहा तलाश अभियान
गुरुवार और शुक्रवार को कई घंटों तक चले अभियान के बावजूद शव नहीं मिलने के बाद शनिवार को एसडीआरएफ ने दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। एनडीआरएफ की टीम भी अभियान में सहयोग कर रही है। पानी की गहराई और परिस्थितियों को देखते हुए टीम पूरी सावधानी के साथ तलाशी अभियान चला रही है। परिजनों और दोस्तों की नजरें अब भी रेस्क्यू टीम की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। परिवार के लिए यह समय बेहद मुश्किल है और वे जल्द से जल्द आदिल का पता लगाए जाने की उम्मीद कर रहे हैं।
पहले भी हो चुकी हैं डूबने की घटनाएं
ब्लू वाटर में पहले भी डूबने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद यहां लोगों की आवाजाही और पानी के खतरनाक हिस्सों तक पहुंच को पूरी तरह रोकने के लिए पर्याप्त इंतजामों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। प्राकृतिक जलस्रोत और गहरे पानी वाले हिस्से में बिना सुरक्षा व्यवस्था के लोगों का पहुंचना हादसे का कारण बन सकता है। स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा घेरा मजबूत किया जाना चाहिए। खतरनाक हिस्सों में लोगों की आवाजाही रोकने के साथ स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाए जाने की जरूरत है। जरूरत पडऩे पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और निगरानी व्यवस्था भी बढ़ाई जानी चाहिए।
हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
आदिल के डूबने की घटना ने एक बार फिर ब्लू वाटर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन के सामने सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार सामने आ रही घटनाओं को देखते हुए यह जरूरी हो गया है कि प्रशासन ऐसे स्थानों को चिन्हित कर वहां सुरक्षा के स्थायी इंतजाम करे। फिलहाल एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें आदिल की तलाश में जुटी हुई हैं। प्रशासन की ओर से सर्च ऑपरेशन जारी है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि टीम कब तक युवक का पता लगाने में सफल होती है।



