कोलावीरा के अमर शहीदों को गोंडवाना महासभा ने किया नमन, छत्तीसगढ़-ओडिशा की साझी विरासत पर जताया गर्व
कोलावीरा के अमर शहीदों को गोंडवाना महासभा ने किया नमन, छत्तीसगढ़-ओडिशा की साझी विरासत पर जताया गर्व
धमतरी/कोलावीरा। अखिल भारतीय गोंडवाना गोंड महासभा के पदाधिकारी एवं समाज के प्रबुद्धजन ओडिशा के ऐतिहासिक कोलावीरा राजमहल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवारों के वंशजों से मुलाकात कर अमर शहीदों के संघर्ष और बलिदान को नमन किया।
इस अवसर पर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कांकेर के पूर्व विधायक शिशुपाल शोरी तथा राष्ट्रीय सचिव आर.एन. ध्रुव सहित महासभा के सदस्य मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने कोलावीरा राजवंश के अमर शहीदों की 10वीं पीढ़ी के प्रतिनिधि वीर अमरेंद्र प्रताप सिंह एवं 11वीं पीढ़ी के वेंकटेश सहित राजपरिवार के सदस्यों से मुलाकात की।
महासभा के पदाधिकारियों ने बताया कि कोलावीरा के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. करुणाकर सिंह और उनके वीर सुपुत्र स्व. कृष्ण कुमार सिंह नायक, स्व. खगा सिंह नायक एवं स्व. कन्हई सिंह नायक ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष किया था। महासभा के अनुसार वर्ष 1881 में अंग्रेजों ने इन क्रांतिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए मद्रास रेजीडेंसी से तोप मंगाई और उन्हें तोप से शहीद कर दिया।
इस दौरान छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच जुड़े ऐतिहासिक एवं पारिवारिक संबंधों का भी उल्लेख किया गया। महासभा ने कहा कि पिथौरा की राजमाता विष्णु प्रिया देवी तथा पानाबरस के राजा लाल श्याम शाह की धर्मपत्नी राजमोहिनी देवी के कोलावीरा से जुड़े पारिवारिक संबंध दोनों क्षेत्रों की साझा विरासत को दर्शाते हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने 1917–18 में निर्मित कोलावीरा के ऐतिहासिक राजभवन का भी अवलोकन किया। महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि यह ऐतिहासिक स्थल पूर्वजों के संघर्ष, सामाजिक चेतना और स्वाभिमान की याद दिलाता है।
राजमहल में हुई मुलाकात के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष शिशुपाल शोरी एवं राष्ट्रीय सचिव आर.एन. ध्रुव ने इन ऐतिहासिक सेनानियों और सामाजिक नायकों की गौरवगाथा को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। महासभा ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी ऐतिहासिक जड़ों, विरासत और सामाजिक चेतना से जोड़ने के लिए ऐसे प्रयास लगातार किए जाएंगे।



