छत्तीसगढ़

ग्रेसियस महाविद्यालय में हिंदी दिवस मनाया गया





धमतरी (प्रखर) ग्रेसियस महाविद्यालय, अभनपुर ,रायपुर में हिंदी दिवस मनाया गया जिसका विषय था वर्तमान परिपेक्ष में हिंदी का महत्व कार्यक्रम का प्रारंभ मां सरस्वती वंदना के प्रस्तुतीकरण से हुआ।तत्पश्चात मुख्य अतिथि के रूप में डॉ.रिया तिवारी, प्राचार्य, ग्रेसियस कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन,अभनपुर के द्वारा हिंदी के महत्व पर कहां कि एक भाषा के रूप में हिंदी न सिर्फ भारत की पहचान है। बल्कि यह हमारे जीवन, मूल्य संस्कृति एवं संस्कारों की सच्ची संवाहक संप्रेषण का परिचायक भी है। मातृभाषा हिंदी को शैक्षिक अनुभव में  शामिल करने से विद्यार्थियों को दुनिया और उसकी विविध संस्कृतियों की गहरी समझ विकसित करने में मदद मिलती है। इसलिए बच्चों को हिंदी सीखना बहुत ही आवश्यक है ।अतिथि के रूप में डॉ. मुक्ता कान्हा कौशिक,एसोसिएट प्रोफेसर ग्रेसियस महाविद्यालय ने कहा कि हिंदी बहुत ही सरल सहज और सुगम भाषा होने के साथ हिंदी विश्व की संभावित सबसे वैज्ञानिक भाषा है जिसे दुनिया भर में समझने, बोलने और चाहने वाले लोग बहुत ही बड़ी संख्या में मौजूद है ।देश की आत्मा है हिंदी। देश की स्वतंत्रता से लेकर हिंदी में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्राप्त की है। भारत सरकार द्वारा विकास योजनाओं तथा नागरिक सेवाएं प्रदान करने में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है हिंदी तथा प्रांतीय भाषाओं के माध्यम से हम बेहतर जन सुविधा लोगों तक पहुंचा सकते हैं। हिंदी दिवस के उपलक्ष में विद्यार्थियों के लिए सुलेख प्रतियोगिता, काव्य पाठ एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। जिसमें सभी विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और हिंदी के महत्व के बारे में चर्चा की गई। विद्यार्थियों को प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान भी दिया गया। स्वागत  एवं संचालन श्रीमती मीना साहू, सहायक प्राध्यापक, ग्रेसियस महाविद्यालय ने गया। आभार सबा अरसफी,सहायक प्राध्यापक  के द्वारा किया गया। सभागार में समस्त शिक्षक एवं विद्यार्थी की उपस्थित रही।

Author Desk

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