चार दशक से शिक्षा की अलख जगा रहीं बी. मैथ्यू, विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को संवारना ही मानती हैं अपना सबसे बड़ा पुरस्कार

धमतरी (प्रखर)भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव शक्ति, ज्ञान और करुणा का प्रतीक माना गया है। परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। आज महिलाएं शिक्षा, विज्ञान, राजनीति, प्रशासन, खेल और सामाजिक सेवा जैसे अनेक क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। प्रतिवर्ष 8 मार्च को मनाया जाने वाला International Women’s Day महिलाओं के योगदान, उनके अधिकारों और सशक्तिकरण को सम्मान देने का महत्वपूर्ण अवसर होता है।
इसी परिप्रेक्ष्य में धमतरी जिले की वरिष्ठ शिक्षिका बी. मैथ्यू शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण, अनुशासन और सेवा का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं। वे वर्तमान में शासकीय शिव सिंह वर्मा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धमतरी में पदस्थ हैं और लगभग चार दशकों से विद्यार्थियों के जीवन को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। अपने लंबे शिक्षण अनुभव और समर्पण के बल पर उन्होंने हजारों विद्यार्थियों को न केवल पढ़ाया, बल्कि उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दी है।
1989 से शुरू हुआ शिक्षण का सफर
बी. मैथ्यू बताती हैं कि उन्होंने वर्ष 1989 में माध्यमिक शाला धमतरी में व्याख्याता (गणित) के रूप में अपने शैक्षणिक जीवन की शुरुआत की थी। इससे पहले वे शासकीय एटीआईएस रिसर्च सेंटर में जूनियर साइंटिस्ट के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं। विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में काम करने के बावजूद उनके मन में समाज के लिए कुछ सार्थक करने की गहरी इच्छा थी। यही कारण था कि उन्होंने शिक्षा को अपना जीवन उद्देश्य बनाया।
मिनी पीएससी की तैयारी कर उन्होंने व्याख्याता पद के लिए चयन प्राप्त किया और तब से लेकर आज तक वे पूरी निष्ठा, लगन और समर्पण के साथ विद्यार्थियों को शिक्षित करने का कार्य कर रही हैं।
शिक्षा के साथ व्यक्तित्व निर्माण पर भी जोर
बी. मैथ्यू का मानना है कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक मूल्यों और जीवन कौशल को विकसित करने का माध्यम भी है। वे गणित जैसे विषय को सरल, रोचक और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाती हैं, जिससे विद्यार्थियों में विषय के प्रति रुचि स्वतः बढ़ जाती है।
उनकी कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थी बताते हैं कि वे पढ़ाई के साथ-साथ अनुशासन, मेहनत, आत्मविश्वास और समय के महत्व पर भी विशेष जोर देती हैं। यही कारण है कि उनके पढ़ाए विद्यार्थी केवल परीक्षा में ही नहीं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करते हैं।
उनके मार्गदर्शन से कई विद्यार्थी बने डॉक्टर, इंजीनियर और शिक्षक
बी. मैथ्यू के मार्गदर्शन में पढ़े अनेक विद्यार्थी आज देश के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना चुके हैं। कई विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर प्रशासनिक सेवाओं की ओर अग्रसर हैं, तो कई इंजीनियर, डॉक्टर, शिक्षक और अन्य पेशों में सफल होकर समाज और देश के विकास में योगदान दे रहे हैं।
जब उनके पढ़ाए विद्यार्थी जीवन में आगे बढ़ते हैं और समाज में अच्छा कार्य करते हैं, तो वही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान और संतोष का कारण बनता है। वे कहती हैं कि विद्यार्थियों की सफलता ही उनके शिक्षकीय जीवन का सबसे बड़ा पुरस्कार है।
विद्यार्थियों के लिए शिक्षा नहीं, बल्कि एक मिशन
बी. मैथ्यू का कहना है कि बच्चों को पढ़ाना उनके लिए केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों की जिज्ञासा, उनकी मेहनत और उनके सपने उन्हें हर दिन बेहतर करने के लिए प्रेरित करते हैं।
वे मानती हैं कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि वह विद्यार्थियों के जीवन में प्रेरणा और मार्गदर्शन देने वाला एक महत्वपूर्ण स्तंभ होता है।
महिला दिवस पर दिया प्रेरक संदेश
International Women’s Day के अवसर पर बी. मैथ्यू ने महिलाओं को संदेश देते हुए कहा कि यदि महिलाओं को शिक्षा, अवसर और परिवार का सहयोग मिले, तो वे हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। समाज की प्रगति में महिलाओं की भागीदारी जितनी मजबूत होगी, देश उतनी ही तेजी से आगे बढ़ेगा।
धमतरी के लिए प्रेरणा का स्रोत
लगभग चार दशकों का शिक्षण अनुभव, विद्यार्थियों के प्रति स्नेह, अनुशासन और समर्पण ने बी. मैथ्यू को धमतरी जिले की एक प्रेरणादायक शिक्षिका के रूप में स्थापित किया है। वे न केवल एक आदर्श शिक्षक की भूमिका निभा रही हैं, बल्कि नई पीढ़ी को सही दिशा देने वाली मार्गदर्शक बनकर शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन की ज्योति प्रज्ज्वलित कर रही हैं।
उनका जीवन यह संदेश देता है कि सच्चा शिक्षक वही है, जो ज्ञान के साथ-साथ संस्कार और आत्मविश्वास भी प्रदान करे। धमतरी जिले के लिए बी. मैथ्यू जैसी समर्पित शिक्षिका वास्तव में गौरव का विषय



