छत्तीसगढ़

एक-एक बूंद कीमती, जल है तो कल है : जल विभाग सभापति अखिलेश सोनकर ने शहरवासियों से की जल संरक्षण की अपील


धमतरी(प्रखर) गर्मी का मौसम नजदीक आते ही पानी की मांग बढ़ने लगती है और कई क्षेत्रों में जल संकट की स्थिति भी बनने लगती है। ऐसे में नगर निगम धमतरी के जल विभाग सभापति अखिलेश सोनकर ने शहरवासियों से पानी के संरक्षण को लेकर विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि पानी प्रकृति का अमूल्य उपहार है और इसका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि अभी से पानी की बचत और सही उपयोग की आदत नहीं अपनाई गई तो आने वाले समय में जल संकट और गंभीर रूप ले सकता है।
जल विभाग सभापति अखिलेश सोनकर ने कहा कि “एक-एक बूंद कीमती है, जल है तो कल है” और इस संदेश को हर घर तक पहुंचाना बेहद जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि दैनिक जीवन में पानी का उपयोग सोच-समझकर करें और अनावश्यक रूप से पानी की बर्बादी से बचें। उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि लोग नल खुला छोड़ देते हैं, टंकियों से पानी बहता रहता है या फिर वाहनों की धुलाई में अत्यधिक पानी का उपयोग किया जाता है, जिससे बड़ी मात्रा में पानी व्यर्थ चला जाता है। ऐसी छोटी-छोटी लापरवाहियां भविष्य में बड़े संकट का कारण बन सकती हैं।
अखिलेश सोनकर ने बताया कि नगर निगम द्वारा भी गर्मी के मौसम को देखते हुए जल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए विशेष तैयारी की जा रही है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पाइपलाइन की मरम्मत, जल टंकियों की सफाई तथा जल वितरण व्यवस्था को मजबूत करने का कार्य लगातार किया जा रहा है, ताकि गर्मी के दिनों में नागरिकों को पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन का प्रयास है कि शहर के हर वार्ड में नियमित और सुचारू जल आपूर्ति सुनिश्चित हो।
उन्होंने यह भी कहा कि जल संरक्षण केवल प्रशासनिक प्रयासों से संभव नहीं है, इसके लिए आम नागरिकों की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। यदि हर व्यक्ति अपने घर से पानी बचाने का संकल्प ले और अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करे, तो जल संरक्षण एक जन आंदोलन बन सकता है।
जल विभाग सभापति ने नागरिकों से वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) को अपनाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि वर्षा का पानी यदि सही तरीके से संरक्षित किया जाए तो भूजल स्तर को बनाए रखने में काफी मदद मिल सकती है। इसके साथ ही उन्होंने घरों और संस्थानों में पानी के रिसाव को तुरंत ठीक कराने, पाइपलाइन की नियमित जांच कराने तथा जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने पर भी जोर दिया।
अखिलेश सोनकर ने कहा कि पानी केवल आज की जरूरत नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भी अधिकार है। यदि हम आज पानी को बचाने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाएंगे तो भविष्य में गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को यह समझना होगा कि पानी की हर बूंद अमूल्य है और इसका संरक्षण हम सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि जल संरक्षण को अपनी आदत और संस्कृति का हिस्सा बनाएं, पानी का उपयोग जरूरत के अनुसार ही करें और अनावश्यक बर्बादी से बचें। यदि सभी नागरिक मिलकर इस दिशा में प्रयास करें तो निश्चित ही शहर को जल संकट से बचाया जा सकता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जल संसाधन सुरक्षित रखे जा सकते हैं।
अंत में उन्होंने कहा कि जल ही जीवन का आधार है, इसलिए हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह पानी की हर बूंद का महत्व समझे और जल संरक्षण के इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाए। 💧

Author Desk

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