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मॉनसून सत्र में नीट पर संग्राम जारी, विपक्ष का ब्लैक प्रोटेस्ट तो सरकार का जवाब- राजनीति नहीं, समाधान जरूरी

नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र का बुधवार को तीसरा दिन है। नीट पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन जारी है। बुधवार को विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर सदन पहुंचे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इससे पहले मंगलवार को हंगामे के चलते संसद की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी थी। कॉकरेच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई सांसद प्रधानमंत्री आवास के पास धरने पर बैठ गए थे। इसके बाद मौके पर हंगामा हुआ और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया गया। प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी ने सरकार के सामने पांच मांगें रखीं। इनमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट पेपर लीक मामले पर सदन में गृह मंत्री के बयान की मांग प्रमुख थी। वहीं, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि केंद्र सरकार नीट मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है और वह समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष छात्रों के मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल कर रहा है।

नीट मामले को लेकर संसद के अंदर और बाहर सियासी घमासान लगातार जारी है। आज लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव और स्पीकर ओम बिरला के बीच तीखी बहस हो गई। अखिलेश यादव ने छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि छात्रों के साथ गलत हुआ है, उन्हें न्याय मिलना चाहिए और इस विषय पर सरकार को चर्चा करनी चाहिए। इस पर स्पीकर ने कहा कि सरकार भी इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, तो फिर हंगामा किस बात पर हो रहा है? इसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

नीट पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा के लिए सरकार तैयार: किरेन रिजिजू
लोकसभा में चर्चा के दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- पिछले तीन दिनों से हम यही कह रहे हैं कि सरकार हृश्वश्वञ्ज पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। पहले दिन से ही हम यही कहते आ रहे हैं कि चर्चा नियमों के अनुसार ही होनी चाहिए। चर्चा कब होगी, उसकी अवधि क्या होगी और किस नियम के तहत होगी, यह सभी दलों के सदन के नेताओं से बात करने के बाद तय किया जाना चाहिए। सरकार हृश्वश्वञ्ज पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। देश के युवाओं के भविष्य के निर्माण पर चर्चा होनी चाहिए, यही सरकार चाहती है।

दिल्ली में प्रदर्शन के बाद तनाव बरकरार, 10 एफआईआर दर्ज; कई मेट्रो स्टेशन बंद, घायलों का इलाज जारी

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में संसद मार्च के दौरान हुए हंगामे के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। प्रदर्शन के दौरान कथित पथराव, लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के बाद भी प्रदर्शनकारी अगले दिन फिर जंतर-मंतर पहुंचे और आंदोलन जारी रखा। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने उपद्रव के मामले में अलग-अलग थानों में 10 एफआईआर दर्ज की हैं।

पुलिस के अनुसार, चार एफआईआर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने, तीन कनॉट प्लेस थाने तथा एक-एक एफआईआर मंदिर मार्ग, बाराखंभा रोड और कर्तव्य पथ थानों में दर्ज की गई है। मामले की जांच जारी है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक और केंद्रीय सचिवालय सहित 16 मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद रखने का फैसला लिया है।

इस बीच, प्रदर्शन से जुड़े वायरल वीडियो के बाद सीजेपी ने अपने प्रवक्ता विजेता दहिया को सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों से हटा दिया। पार्टी ने बयान जारी कर कहा कि उनका कथित आचरण संगठन के सिद्धांतों और मूल्यों के अनुरूप नहीं था। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता विजेता दहिया को आंदोलन के दौरान बाहर जाकर बर्गर खाना महंगा पड़ गया। पार्टी ने विजेता को प्रवक्ता पद से हटा दिया है। वायरल वीडियो के बाद पार्टी ने कहा कि उनका असंवेदनशील आचरण पार्टी सिद्धांतों के खिलाफ है।

उधर, डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान घायल हुए बड़ी संख्या में छात्रों और पुलिसकर्मियों का इलाज किया गया। घायलों में सिर, हाथ, पैर और कमर में चोट, कुछ मामलों में फ्रैक्चर तथा टांके लगाने जैसी स्थिति सामने आई। हालांकि अस्पताल की ओर से इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल, पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

 

सीजेपी प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार

सीजेआई बोले- हमारा समय बर्बाद मत कीजिए

नई दिल्ली। दिल्ली में सीजेपी के छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता की दलीलों पर टिप्पणी करते हुए कहा, हमारा समय बर्बाद मत कीजिए। हमें वीडियो में कोई दिलचस्पी नहीं है। हमारे पास वीडियो देखने का समय नहीं है। याचिकाकर्ता की ओर से दावा किया गया था कि पुलिस की कथित ज्यादती दर्शाने वाले वीडियो उपलब्ध हैं। हालांकि अदालत ने इस आधार पर तत्काल हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। वकील ने कहा कि छात्र नीट परीक्षा सही तरीके से कराने और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में सुधार जैसे अहम मुद्दे उठा रहे हैं। इस पर सीजेआई ने उनकी बात बीच में रोकते हुए कहा बहुत-बहुत धन्यवाद। जब वकील ने कहा कि पुलिस की ज्यादती दिखाने वाले वीडियो मौजूद हैं, तो सीजेआई ने कहा, हमें वीडियो में दिलचस्पी नहीं है। हमारे पास वीडियो देखने का समय नहीं है। पुलिस कार्रवाई को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, लेकिन शीर्ष अदालत ने फिलहाल मामले पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया नियमानुसार जारी रहेगी।

सीजेपी ने सरकार से बातचीत की जताई सहमति

नई दिल्ली। पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच सीजेपी के आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार की ओर से बातचीत के लिए संपर्क किया गया है और संगठन बातचीत के लिए तैयार है। रांका ने कहा कि बातचीत जंतर-मंतर या किसी अन्य न्यूट्रल स्थान पर हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस बार बातचीत केवल औपचारिकता नहीं बल्कि समाधान के उद्देश्य से होनी चाहिए।

Author Desk

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