छत्तीसगढ़

युवाओं की जीत लोकतंत्र की जीत, देश किसी व्यक्ति की जागीर नहीं : सूर्यप्रभा चेट्टियार

युवाओं की जीत लोकतंत्र की जीत, देश किसी व्यक्ति की जागीर नहीं : सूर्यप्रभा चेट्टियार

धमतरी। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय पर्यवेक्षक श्रीमती सूर्यप्रभा चेट्टियार ने कहा कि देश के युवाओं ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जिस साहस और धैर्य का परिचय दिया है, वह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज देश के युवाओं ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि भारत किसी व्यक्ति, किसी सत्ता या किसी राजनीतिक दल की जागीर नहीं है, बल्कि यह देश संविधान, लोकतंत्र और देशवासियों का है।

उन्होंने कहा कि जिन्होंने संविधान की आत्मा को कमजोर करने, युवाओं की आवाज़ दबाने, शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने का प्रयास किया, आज देश का युवा उनके खिलाफ मजबूती से खड़ा हो गया है। यह जीत केवल किसी संगठन या दल की नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं की जीत है।

सूर्यप्रभा चेट्टियार ने कहा कि आंदोलन के दौरान देशभर के युवाओं ने महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ी। इसके बावजूद प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया, आंसू गैस के गोले दागे गए और लाठीचार्ज किया गया। अनेक छात्र घायल हुए, लेकिन उनका मनोबल नहीं टूटा। सत्ता ने उनके संघर्ष को दबाने का हर संभव प्रयास किया, परंतु युवाओं के दृढ़ संकल्प के सामने उसे झुकना पड़ा।

उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य है, जहां संविधान सर्वोच्च है। यहां किसी भी प्रकार की तानाशाही व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया जा सकता। लोकतंत्र में जनता की आवाज़ ही सबसे बड़ी शक्ति होती है और देश का युवा आज अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह जागरूक है।

राष्ट्रीय पर्यवेक्षक सूर्यप्रभा चेट्टियार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने इस पूरे आंदोलन में छात्रों और युवाओं का मजबूती से साथ दिया। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार छात्रों और युवाओं के मुद्दे उठाते रहे हैं। नीट परीक्षा में अनियमितताओं के सामने आने के बाद 11 मई को राहुल गांधी ने कहा था कि “22 लाख बच्चों का भरोसा टूटा है। मोदी सरकार से बड़ा खतरा भारत के युवाओं के सपनों के लिए और कोई नहीं हो सकता। मैं भारत के युवाओं के साथ हूं और इस व्यवस्था को हम मिलकर बदलेंगे।”

उन्होंने बताया कि 16 मई को राहुल गांधी ने तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। 27 मई को सीबीएसई परीक्षा में सामने आए कथित घोटालों पर सवाल उठाए। 29 एवं 31 मई को नीट से प्रभावित विद्यार्थियों से मुलाकात की। इसके बाद 17 जून को कोटा तथा 17 जुलाई को देहरादून में छात्रों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई।

उन्होंने कहा कि जब छात्रों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया, तब 21 जुलाई को राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री आवास के सामने कांग्रेस नेताओं के साथ प्रदर्शन किया और गिरफ्तारी दी। इस आंदोलन में प्रियंका गांधी सहित कांग्रेस के अनेक वरिष्ठ नेता शामिल हुए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने लगातार छात्रों की आवाज़ संसद से लेकर सड़क तक बुलंद की और राष्ट्रव्यापी आंदोलन का नेतृत्व किया।

सूर्यप्रभा चेट्टियार ने कहा कि कांग्रेस के साथ-साथ एनएसयूआई, युवा कांग्रेस और महिला कांग्रेस ने भी पूरे देश में छात्रों के अधिकारों तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से देश की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया गया है और अब समय आ गया है कि शिक्षा नीति में व्यापक सुधार कर उसे पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और छात्र हितैषी बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि आज की यह जीत हर उस छात्र, हर उस अभिभावक और हर उस नौजवान की जीत है जिसने अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाई, लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास बनाए रखा और कठिन परिस्थितियों में भी अपना सिर नहीं झुकाया। उन्होंने विश्वास जताया कि देश का युवा अब अपने अधिकारों, शिक्षा और बेहतर भविष्य की रक्षा के लिए पहले से अधिक संगठित होकर लोकतंत्र को मजबूत करने का कार्य करेगा।

Author Desk

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