छत्तीसगढ़

तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे… रफी के नगमों से गूंजा कुरुद, सुरों में दी सदाबहार गायक को श्रद्धांजलि

तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे… रफी के नगमों से गूंजा कुरुद, सुरों में दी सदाबहार गायक को श्रद्धांजलि

कुरुद। “तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे…”—मोहम्मद रफी का यह अमर गीत शुक्रवार की शाम कुरुद के मंगल भवन में गूंजा तो पूरा माहौल सुरमयी हो उठा। महान पार्श्व गायक मोहम्मद रफी की पुण्यतिथि पर आयोजित विशेष संगीतमय श्रद्धांजलि सभा में स्थानीय कलाकारों ने उनके सदाबहार नगमों की ऐसी महफिल सजाई कि संगीत प्रेमी देर तक झूमते रहे। रफी साहब के गीतों के जरिए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई।
न्यू कराओके मेलोडी सिंगर्स ग्रुप कुरुद के बैनर तले नगर पालिका परिसर स्थित मंगल भवन, पुराना बाजार में स्थानीय कलाकारों ने पहली बार सामूहिक रूप से इस अनूठे आयोजन की शुरुआत की। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति चंद्राकर, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष तारणी चंद्राकर, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित रायपुर के अध्यक्ष निरंजन सिन्हा और एल्डरमैन भानु चंद्राकर ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर किया।
कला-संस्कृति को बढ़ावा देने की जरूरत : ज्योति चंद्राकर
नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति चंद्राकर ने मोहम्मद रफी को याद करते हुए आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि विधायक अजय चंद्राकर के प्रयासों से कुरुद में धार्मिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों के लिए सुविधाएं विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी दिशा में कुरुद में एमपी थिएटर का निर्माण भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से नगर में सकारात्मक वातावरण बनता है और स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच मिलता है। ऐसे आयोजनों की निरंतरता बनी रहनी चाहिए।
युवा पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ना जरूरी : तारणी चंद्राकर
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष तारणी चंद्राकर ने स्थानीय कलाकारों के प्रथम प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि सांस्कृतिक आयोजनों में युवा पीढ़ी की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत है। इससे युवाओं को अपनी कला और संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलेगा और कुरुद की पहचान शिक्षा, धार्मिक व खेल गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक क्षेत्र में भी मजबूत होगी। उन्होंने रफी साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की।
अभिव्यक्ति कला मंच’ की यादें फिर हुईं ताजा
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित रायपुर के अध्यक्ष निरंजन सिन्हा ने कहा कि लंबे समय बाद कुरुद में इस तरह के संगीतमय आयोजन का होना सुखद है। उन्होंने आयोजकों को बधाई देते हुए पुराने दिनों को याद किया और कहा कि कभी कुरुद में ‘अभिव्यक्ति कला मंच’ हुआ करता था, जिसने नगर को सांस्कृतिक पहचान दिलाई थी। उन्होंने कहा कि आज हम अपनी संस्कृति और सांस्कृतिक गतिविधियों से कुछ दूर होते जा रहे हैं। ऐसे आयोजनों के जरिए इन्हें संजोने और संरक्षित करने की जरूरत है। कुरुद में कला के क्षेत्र में कई प्रतिभाएं हैं, जिन्हें ऐसे मंचों के माध्यम से निखारा जा सकता है। एल्डरमैन भानु चंद्राकर ने भी आयोजन की सराहना की।
बहारों फूल बरसाओ…’ से लेकर ‘चुरा लिया है दिल ने…’ तक बिखरे सुर
मां सरस्वती की स्तुति और ‘देवा हो देवा गणपति देवा’ की प्रस्तुति के साथ रफी साहब के अमर गीतों की संगीतमय यात्रा शुरू हुई। न्यू कराओके मेलोडी सिंगर्स ग्रुप कुरुद के कलाकार राज देवांगन, मोनिका साहू, कोमल साहू, धनसिंह सेन, रफीक हलारी, सूरज देवांगन, भगवान कश्यप, सत्या आर्य, खिलेन्द्र चंद्राकर और रिजवान रिजवी ने रफी के लोकप्रिय नगमों की शानदार प्रस्तुतियां दीं।
कलाकारों ने ‘बहारों फूल बरसाओ, मेरा महबूब आया है’, ‘बदन पे सितारे लपेटे हुए’, ‘चलो रे डोली उठाओ कहार’, ‘रिमझिम के गीत सावन गाए’, ‘आने से उसके आए बहार’, ‘तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे’, ‘तू मेरे सपनों की रानी बनेगी’, ‘चुरा लिया है दिल ने जो दिल से’, ‘हाय रे हाय नींद नहीं आए’, ‘कितना प्यारा वादा है’ और ‘कौन है जो सपनों में आया’ जैसे सदाबहार गीतों से समां बांध दिया। एक के बाद एक लोकप्रिय नगमों की प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य नीलम चंद्राकर, अखिलेख वैष्णव, दुगेश साहू, टुकेश साहू सहित बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी मौजूद रहे। रफी के गीतों से सजी इस सुरमयी शाम ने कुरुद में एक बार फिर सांस्कृतिक गतिविधियों और स्थानीय प्रतिभाओं के लिए मंच की जरूरत को रेखांकित किया।

Author Desk

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