छत्तीसगढ़

धमतरी के 100 युवाओं का संवरेगा भविष्य, एआई और डिजिटल कौशल प्रशिक्षण से खुलेंगे रोजगार के नए द्वार

वित्त मंत्री ओपी चौधरी की पहल पर युवाओं को मिलेगी 10-10 हजार रुपये की सहायता, आधुनिक तकनीक से जुड़कर बनेंगे आत्मनिर्भर

धमतरी के 100 युवाओं का संवरेगा भविष्य, एआई और डिजिटल कौशल प्रशिक्षण से खुलेंगे रोजगार के नए द्वार

 

वित्त मंत्री ओपी चौधरी की पहल पर युवाओं को मिलेगी 10-10 हजार रुपये की सहायता, आधुनिक तकनीक से जुड़कर बनेंगे आत्मनिर्भर

 

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने पांच विद्यार्थियों को सौंपे 50 हजार रुपये के चेक, प्रशिक्षण के साथ रोजगार और प्लेसमेंट पर विशेष जोर

 

धमतरी-  बदलते तकनीकी युग में युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें आधुनिक तकनीक में दक्ष बनाने की दिशा में धमतरी जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी की घोषणा के अनुरूप सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले के 100 युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एवं डिजिटल कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने की योजना शुरू की गई है। इस पहल के तहत प्रत्येक युवा को 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे वे नई तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने बेहतर भविष्य की नींव रख सकेंगे।

 

मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने एआई अपस्किलिंग कार्यक्रम के तहत पांच विद्यार्थियों को 10-10 हजार रुपये के चेक प्रदान कर प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को आधुनिक तकनीक सीखने, अपनी प्रतिभा निखारने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

 

वित्त मंत्री ओपी चौधरी की घोषणा से 100 युवाओं को मिलेगा लाभ

उल्लेखनीय है कि बीते 2 अगस्त को आयोजित ‘विकसित भारत के लिए नशामुक्त युवा’ कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने धमतरी जिले के 100 युवाओं को एआई एवं डिजिटल कौशल प्रशिक्षण के लिए प्रति युवा 10 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की थी।

 

इसी घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए जिला प्रशासन ने युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण से जोड़ने की दिशा में पहल शुरू कर दी है। योजना के तहत कुल 100 युवाओं को 10 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान किए जाने का प्रावधान है।

 

अब केवल डिग्री नहीं, तकनीकी दक्षता भी जरूरी : कलेक्टर

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि वर्तमान दौर में रोजगार के स्वरूप में तेजी से बदलाव आ रहा है। आज केवल शैक्षणिक डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं को बदलती तकनीक के अनुरूप अपने कौशल का विकास करना भी जरूरी है।

 

उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल तकनीक और व्यावहारिक ज्ञान आने वाले समय में रोजगार के महत्वपूर्ण आधार बनेंगे। ऐसे में युवाओं को इन क्षेत्रों में दक्षता हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।

कलेक्टर ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे प्राप्त सहायता राशि का उपयोग अपने कौशल विकास और नई तकनीकों को सीखने में करें। मेहनत, लगन और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति से युवा बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं।

 

जिला प्रशासन और लर्निंग जॉय के संयुक्त प्रयास से शुरू हुआ प्रशिक्षण

 

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि जिला प्रशासन एवं लर्निंग जॉय के संयुक्त प्रयास से जिले में एआई प्रशिक्षण पाठ्यक्रम प्रारंभ किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीक का व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध कराने के साथ उन्हें रोजगार एवं प्लेसमेंट के अवसरों से जोड़ना है।

 

उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे अपनी रुचि, योग्यता और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए करियर का चयन करें। साथ ही अपने चुने हुए क्षेत्र में निरंतर अभ्यास और प्रशिक्षण के माध्यम से दक्षता हासिल करें।

 

डिजिटल युग में युवाओं के लिए बढ़ेंगी रोजगार की संभावनाएं

 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक का उपयोग आज शिक्षा, संचार, डेटा विश्लेषण, डिजिटल सेवाओं और विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है।

 

ऐसे में एआई और डिजिटल कौशल का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं के लिए रोजगार की नई संभावनाएं विकसित हो सकती हैं। साथ ही यह प्रशिक्षण उन्हें बदलते तकनीकी परिवेश में प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में भी सहायक साबित होगा।

 

इन पांच विद्यार्थियों को मिले 10-10 हजार रुपये के चेक

 

कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने योगिता सिंह, प्रज्ञा साहू, प्रतीक ताम्रकार, मुस्कान साहू और संजय कुमार को 10-10 हजार रुपये के चेक प्रदान किए। इस प्रकार प्रथम चरण में पांच विद्यार्थियों को कुल 50 हजार रुपये की सहायता राशि वितरित की गई।

 

इस आर्थिक सहयोग से विद्यार्थी एआई एवं डिजिटल कौशल से संबंधित प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी तकनीकी दक्षता को और बेहतर बना सकेंगे।

 

युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

 

वित्त मंत्री ओपी चौधरी की पहल और जिला प्रशासन के प्रयासों से शुरू किया गया एआई अपस्किलिंग कार्यक्रम धमतरी जिले के युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 

इस पहल से युवाओं को न केवल नई तकनीकों को सीखने का अवसर मिलेगा, बल्कि वे अपनी रोजगार क्षमता बढ़ाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी आगे बढ़ सकेंगे।

 

कार्यक्रम में सहायक संचालक कौशल विकास शैलेन्द्र गुप्ता, लर्निंग जॉय के अभिषेक कुमार सहित संबंधित अधिकारी एवं महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Author Desk

Related Articles

Back to top button