
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू और सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक शशिकांत द्विवेदी ने कहा कि राहुल गांधी अपने इस छत्तीसगढ़ दौरे में क्या अपनी भूपेश सरकार से जरा उन फूड प्रोसेसिंग युनिट्स और धान खरीदी की लिमिट के बारे में जवाब तलब करने की जहमत उठाएंगे, जिनका वादा खुद राहुल गांधी ने पिछले विधानसभा चुनाव में घूम-घूमकर किया था।
पूर्व कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ आकर किसानों के नाम पर झूठ-फरेब फैलाकर उन्हें भ्रमित करने से पहले राहुल गांधी याद करें कि पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने धान खरीदी की लिमिट हटाने का वादा किया था, लेकिन उनकी प्रदेश सरकार ने अपने कार्यकाल के आखिरी साल में धान खरीदी की लिमिट बढ़ाने का काम किया। यह किसानों के साथ खुली धोखाधड़ी है और इसमें राहुल गांधी बराबर के भागीदार हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह 200 फूड प्रोसेसिंग युनिट्स स्थापित करने का वादा भी राहुल गांधी ने प्रदेशभर में घूम-घूमकर किया था, लेकिन आज तक प्रदेश में इन फूड प्रोसेसिंग युनिट्स का कहीं अता-पता नहीं है। 200 युनिट्स लगाने की बात कहकर सिर्फ 2 युनिट लगाकर किसानों के छलने का काम उनकी भूपेश सरकार ने किया है। जरा राहुल गांधी अपनी प्रदेश सरकार से इस बारे में जवाब तलब तो करें क्योंकि इन युनिट्स के जरिए किसानों के परिजनों व बच्चों को रोजगार देने की बात कही गई थी।
पूर्व कृषि मंत्री साहू ने कहा कि प्रदेश की भूपेश सरकार किसानों का धान सबसे अधिक कीमत पर खरीदने का ढोल तो पीट रही है लेकिन प्रदेश सरकार ने माना है कि धान खरीदी केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर प्रदेश सरकार करती है और केंद्र सरकार चावल के रूप में खरीदी करके धान खरीदी की 80 फीसदी से अधिक राशि प्रदेश सरकार को देती है। अब जिस बात पर प्रदेश सरकार किसानों की हितैषी होने का पाखंड रचकर अपने मुँह मियाँ मिठ्ठू बन रही है, वह राजीव किसान न्याय योजना के नाम पर दी जाने वाली नाममात्र की राशि है जिसे किसानों को चार किश्तों में खैरात के तौर पर देकर किसानों के स्वाभिमान पर चोट पहुँचा रही है।



