केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति की समीक्षा की

*सभी घरों में नल लगने के बाद तुरंत सर्टिफिकेशन कराकर जल आपूर्ति की व्यवस्था ग्राम पंचायत को हैंडओवर करने के दिए निर्देश*
रायपुर. केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आज अपने एक दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान राज्य में जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की प्रगति की समीक्षा की।
उन्होंने उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव, जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री सुनील सोनी, राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के मिशन संचालक श्री विकास शील, निदेशक श्री वाई.के. सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक और वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य के ज्यादा से ज्यादा गांवों में शत-प्रतिशत घरों में नल से पानी पहुंचाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने ऐसे गांवों में जहां 90 प्रतिशत से अधिक घरों में पानी पहुंचना चालू हो गया है, उन गांवों में जल्द से जल्द सभी घरों में नल से जल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। श्री शेखावत ने इसकी हर सप्ताह समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत समूह जलप्रदाय योजनाओं के काम में तेजी लाने को कहा। उन्होंने गांव के सभी घरों में नल लगने के बाद तुरंत सर्टिफिकेशन कराकर जल आपूर्ति की व्यवस्था ग्राम पंचायत को हैंडओवर करने के निर्देश दिए।
केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में कहा कि जल जीवन मिशन से जिन घरों में पेयजल पहुंच रहा है, वहां पानी की गुणवत्ता, पर्याप्त मात्रा और आपूर्ति की निरंतरता पर खास ध्यान दें। राज्य के जिन इलाकों में पेयजल में भारी तत्वों की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक है, वहां जल की गुणवत्ता की हर महीने जांच करें। लोगों को हर हाल में शुद्ध और सुरक्षित पेयजल मुहैया कराना है।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की संचालक पद्मिनी भोई साहू ने बैठक में मिशन के कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता श्री एम.एल. अग्रवाल, जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता श्री इंद्रजीत उइके और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता श्री राजेश गुप्ता सहित दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद थे।



