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घोषणा पत्र को लेकर जनता का सामना करने की स्थिति में भी नहीं है कांग्रेस : केदार गुप्ता

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता केदार गुप्ता ने उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव द्वारा कांग्रेस की चुनाव घोषणा पत्र समिति में नहीं रहने की घोषणा को कांग्रेस की अंदरूनी कलह और कांग्रेस की प्रदेश सरकार की खत्म हो चुकी विश्वसनीयता का प्रमाण बताया है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता गुप्ता ने कहा कि उपमुख्यमंत्री पद पर टीएस सिंहदेव की नियुक्ति के बाद भी अंदरूनी असंतोष और गुटीय द्वंद के चलते कांग्रेस का बुरा हाल है। गुटबाजी का आलम तो यह है कि अब दिल्ली में भी छत्तीसगढ़ के लिये दो गुट हो गए हैं, एक मुख्यमंत्री के साथ और दूसरा उप मुख्यमंत्री के साथ इसके चलते कांग्रेस का असंतोष विस्फोटक रूप में दिखाई दे रहा है। केदार गुप्ता ने कहा कि उपमुख्यमंत्री सिंहदेव के घोषणा पत्र समिति में नहीं रहने के ऐलान के बाद यह एकदम स्पष्ट हो गया है। पिछली घोषणा पत्र समिति के ‘जय-वीरू’ में अबकी बार किसने, किसका साथ छोड़ा? अब घोषणापत्र समिति में एक अकेला रह गया है। उपमुख्यमंत्री सिंहदेव का ऐलान कांग्रेस में मचे घमासान की गूंज है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि यह कांग्रेस की वादाखिलाफी के राजनीतिक चरित्र को स्पष्ट करता है। प्रदेश सरकार की वादाखिलाफी के चलते उपमुख्यमंत्री सिंहदेव पहले ही एक मंत्रालय से इस्तीफा दे चुके हैं। प्रधानमंत्री आवास के क्रियान्वयन में केंद्र सरकार द्वारा अपने हिस्से की पूरी राशि भेजे जाने के बावजूद प्रदेश सरकार की अड़ंगेबाजी और ग्रामीणों के आवास पर रोक लगाए जाने से नाराज सिंहदेव ने इस्तीफा देकर कांग्रेस की वादाखिलाफी को जगजाहिर किया था। केदार गुप्ता ने कहा कि जुमलेबाजों के 2018 के घोषणा पत्र की सारी पोल उपमुख्यमंत्री सिंहदेव (जय -वीरु की जोड़ी के एक साथी) ने खोलकर रख दी है। कांग्रेस की प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री ही अपनी सरकार और कांग्रेस की घोषणाओं व संकल्पों पर भरोसा नहीं कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री सिंहदेव ने अपनी इस घोषणा से बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है।

Author Desk

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