छत्तीसगढ़

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की समन्वय बैठक में कोलकाता की घटना का मुद्दा उठा, अन्य विषयों पर भी हुई चर्चा

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की समन्वय बैठक में कोलकाता की घटना का मुद्दा उठा, अन्य विषयों पर भी हुई चर्चा

पलक्कड़। केरल में चल रही आरएसएस समन्वय बैठक में पश्चिम बंगाल में महिला डॉक्टर के खिलाफ हिंसा की घटना का भी मुद्दा उठा। बैठक में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना की निंदा करते हुए इसे ‘बहुत दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया गया। आरएसएस समन्वय बैठक में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में त्वरित न्याय में तेजी लाने के लिए कानूनों और दंडात्मक कार्रवाई की समीक्षा की मांग की। संघ की बैठक में महिला सुरक्षा को लेकर पांच मोर्चों पर चर्चा की गई, जिसमें कानूनी, जागरूकता, संस्कार, शिक्षा और आत्मरक्षा शामिल है। इन मोर्चों को लेकर महिला सुरक्षा के लिए संघ द्वारा देशभर में अभियान चलाया जाएगा।

संघ की बैठक में बताया गया कि पिछले साल संघ ने राज्य और जिले में 472 महिला सम्मेलन आयोजित किए गए। जिसमें महिलाओं के मुद्दों, पश्चिमी फेमिनिज्म और भारतीय चिंतन पर चर्चा की गई। आरएसएस की बैठक में बंगाल, वायनाड और तमिलनाडु में हुई घटनाओं पर भी चिंता जाहिर की गई। बैठक में बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा को लेकर भी चिंता जताई गई और सरकार से इन मामलों में कदम उठाने का आग्रह किया।

संघ की समन्वय बैठक में जातीय जनगणना के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। संघ ने जातीय जनगणना को संवेदनशील मुद्दा बताते हुए कहा कि जातीय जनगणना संवेदनशील विषय है। इससे समाज की एकता और अखंडता को खतरा हो सकता है। पंच परिवर्तन के तहत की गई इस चर्चा में संगठन ने फैसला किया है कि व्यापक पैमाने पर समरसता को बढ़ावा देने के लिए काम किया जाएगा। यह राष्ट्रीय एकीकरण के लिए महत्वपूर्ण है। संघ ने कहा कि जातीय जनगणना का इस्तेमाल चुनाव प्रचार और चुनावी उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाना चाहिए बल्कि कल्याणकारी उद्देश्यों के लिए और खासतौर पर दलित समुदाय की संख्या जानने के लिए सरकार उनकी गणना कर सकती है।

Author Desk

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